नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में विभिन्न संगठनों ने कई शहरों में बुधवार को भारत बंद का एलान किया। इसी कड़ी में देहरादून में भी मुस्लिम संगठनों ने बंद रखा। सीएए और एनआरसी के खिलाफ विभिन्न मुस्लिम संगठनों की ओर से आयोजित भारत बंद का देहरादून के मुस्लिम क्षेत्रों में व्यापक असर रहा। इनामुल्ला बिल्डिंग, माजरा, मेहूंवाला सहित अन्य मुस्लिम बहुल इलाकों में शाम तक दुकानें बंद रहीं।
मुस्लिम समाज के लोगों ने परेड ग्राउंड में प्रदर्शन कर धरना दिया और सीएए को तुरंत वापस लेने की मांग की। विभिन्न संगठनों ने बुधवार को भारत बंद का एलान किया था। सुरक्षा से लिहाज से इनामुल्ला बिल्डिंग सहित तमाम मुस्लिम क्षेत्रों में पुलिस फोर्स तैनात थी। पुलिस ने लोगों से जबरन दुकानें बंद नहीं क रने की अपील भी की। हालांकि ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया। बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार संविधान के विपरीत काम कर रही है।
आरोप लगाया कि सीएए के माध्यम से मुस्लिमों को डराया-धमकाया जा रहा है। कहा कि मुस्लिम समाज इसका शांतिपूर्वक विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार की शह पर प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। कहा कि अन्य देशों के हिंदुओं को नागरिकता दी जा रही है। पाकिस्तान, बांग्लादेश में मुस्लिमों पर भी अत्याचार हो रहे हैं, लेकिन उन्हें नागरिकता देने से इंकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जानबूझ कर देश की एकता और अखंडता को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान रजिया बेग, नवीन कुरैशी, आसिफ हुसैन, मुददमीन, जावेद खान, रईस अहमद, दानिश कुरैशी, रईस फातिमा सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मौजूद थे।
सीएए, एनआरसी व एनपीआर के विरोध कर रहे लोगों पर मुकदमे दर्ज किए जाने के विरोध में तंजीम-ए-रहनुमा-ए-मिल्लत ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया है। केंद्रीय अध्यक्ष लताफत हुसैन ने कहा कि सीएए के माध्यम से देश के भाईचारे, एकता और अंखडता को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके जरिये सरकार अन्य ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना चाहती है। राष्ट्रपति से उन्होंने तुरंत इस कानूनों को वापस लेने की मांग की। इस दौरान इब्राहिम, नवाज कुरैशी, फुरकान अहमद, खलीक अहमद आदि मौजूद थे।
देहरादून में तंजीम-ए-रहनुमा-ए-मिल्लत की तरफ से अनुरोध किया कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में अपने कारोबार बंद कर दुआएं करे कि अल्लाह सरकार को इस काले कानून को वापस लेने की तौफीक दे। सीएए के खिलाफ परेड ग्राउंड में मुस्लिम समाज की ओर से चल रहे धरने को समाजवादी पार्टी ने समर्थन दिया है। पार्टी पदाधिकारियों ने भी इस कानून को तुरंत वापस लेने की मांग की। इस दौरान गुलफाम अली, डॉ. एसएस सचान, हेमा बोरा आदि मौजूद थे।