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नौकरी दिलाने के नाम पर आतंकवाद की ट्रेनिंग
देहरादून/ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jul 2013 11:04 AM IST
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विदेश में नौकरी और लाखों रुपये के पैकेज के झांसे में दून के पांच युवा आ गए। एक ठग और उसकी पत्नी ने उन्हें दो-दो लाख रुपये लेकर अफगानिस्तान भेज दिया।
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वहां कई दिन एक कमरे में बंधक बनाकर रखने के बाद जब उन्हें हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जाने लगी तो उनकी आंखें खुलीं। उन्हें एक सिक्योरिटी एजेंसी में गार्ड बनाया जा रहा था। किसी तरह सभी युवक एजेंसी के चंगुल से छूट भारत लौट आए। घर पहुंचकर उन्होंने एसएसपी से मामले की शिकायत की।
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अफगानिस्तान में नौकरी
सोमवार को आशू पुत्र नानकचंद निवासी ठाकुरपुर, रवि वर्मा पुत्र स्व ख्याली राम निवासी श्यामपुर, अंबीवाला, विनोद भट्ट पुत्र बीएल भट्ट निवासी श्यामपुर, अंबीवाला, दिलीप कुमार पुत्र स्व जानकी प्रसाद निवासी श्यामपुर और सागर थापा पुत्र राम थापा निवासी रायपुर ने एसएसपी केवल खुराना को बताया कि उमेदपुर निवासी और अफगानिस्तान में नौकरी करने वाले एक व्यक्ति ने फोन पर उनसे संपर्क किया और बताया कि अफगानिस्तान में अब हालात ठीक हो गए हैं।
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नौकरी के बहाने ठग लिए दो लाख
वहां नौकरियों की बाढ़ है। उस व्यक्ति ने युवकों को भरोसा दिलाया कि वह उन्हें अफगानिस्तान में चार से पांच लाख रुपये सालाना की नौकरी दिला देगा। युवक झांसे में आ गए। इसके बाद उस व्यक्ति ने युवकों को उमेदपुर में रह रही अपनी पत्नी को दो-दो लाख रुपये देने को कहा।
हथियार चलाने की दी ट्रेनिंग
रुपये मिलने के बाद उसने पांचों को अफगानिस्तान बुलाकर एक एजेंसी को सौंप दिया। युवकों के मुताबिक वहां उन्हें कई दिन तक एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। एक दिन उन्हें कहा गया कि सभी को हथियार चलाने की नौकरी करनी होगी।
पता चला कि उन्हें वहां गार्ड की नौकरी दी जा रही थी। यह सुनते ही पांचों के होश उड़ गए। किसी तरह वे वहां से भागकर भारतीय दूतावास पहुंचे। दूतावास की मदद से पांचों घर लौट आए। एसएसपी केवल खुराना ने उन्हें जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।