फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Before getting license made sanitizers, excise department raid exposed

लाइसेंस मिलने से पहले बना लिया लाखों का सैनिटाइजर, आबकारी विभाग ने मारा छापा

Wed, 01 Jul 2020 03:55 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 01 Jul 2020 03:55 PM IST
विज्ञापन
Before getting license made sanitizers, excise department raid exposed
हैंड सैनिटाइजर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

सिडकुल की वीएलसीसी कंपनी में लाइसेंस लेने से पहले ही सैनिटाइजर बनाने के का भंडाफोड़ हुआ है। आबकारी विभाग की टीम के छापामार कार्रवाई में खुलासा हुआ कि कंपनी ने लाइसेंस जून में लिया और दो महीने पहले अप्रैल से सैनिटाइजर बनाना शुरू कर दिया था। कंपनी अब तक कई लाख लीटर सैनिटाइजर देशभर में बेच चुकी है। विभाग ने कंपनी को दिए लाइसेंस को निरस्त करने की सिफारिश आबकारी कमिश्नर सुशील कुमार से की है।

विज्ञापन


 जानकारी के अनुसार सिडकुल में श्रृंगार उत्पाद बनाने वाली वीएलसीसी कंपनी को आठ जून को सैनिटाइजर बनाने का लाइसेंस जारी हुआ था। सोमवार को आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि लाइसेंस जारी होने से पहले ही कंपनी सैनिटाइजर बना रही है। सूचना मिलने पर डिप्टी डायरेक्टर प्रदीप कुमार, जिला आबकारी अधिकारी पवन कुमार सिंह, टेकिभनकल अफसर शिवेंद्र सिंह की अगुवाई में टीम ने कंपनी में छापा मारा। सोमवार शाम से लेकर मंगलवार तड़के तक चली छापेमारी के दौरान सामने आया कि कंपनी अप्रैल माह से सैनिटाइजर बना रही थी।
विज्ञापन


करीब सात लाख लीटर सैनिटाइजर कंपनी बना चुकी है और कंपनी कैंपस में करीब एक लाख लीटर मिला है। छह लाख लीटर देशभर के विभिन्न हिस्सों में बेचा जा चुका है। जिला आबकारी अधिकारी पवन कुमार सिंह ने बताया कि बरामद सैनिटाइजर जब्त कर लिया गया है। कंपनी को नोटिस जारी किया गया है कि देश भर में भेजे गए सैनिटाइजर को भी वापस मंगवा लिया जाए। उन्होंने बताया कि आठ जून को जारी हुआ लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट कमिश्नर आबकारी विभाग को भेज दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सैनिटाइजर की गुणवत्ता पर सवाल 

हरिद्वार। वीएलसीसी कंपनी ने जहां छह लाख लीटर सैनिटाइजर बाजार में उतारकर करोड़ों के वारे न्यारे किए वहीं जीएसटी की चोरी से लेकर आमजन की सुरक्षा के संग भी बड़ा खिलवाड़ किया है। जब सैनिटाइजर बनाने का लाइसेंस ही नहीं था, फिर भला कैसे उत्पादन किया गया।

जानकारी के अनुसार सैनिटाइजर बनाने में कई तरह के पदार्थों का इस्तेमाल होता है। कुछ पदार्थ के इस्तेमाल से बनने वाले सैनिटाइजर में आबकारी विभाग का कंट्रोल नहीं है, लेकिन कुछ पदार्थ ऐसे है, जिन पर महकमे का कंट्रोल है। अब सवाल यह उठता है कि छह लाख लीटर सैनिटाइजर किस पदार्थ से बनाया गया था।

इसका खुलासा तो देश भर में भेज दी गई सैनिटाइजर की बड़ी खेप की वापसी से ही हो सकता है। बड़ा सवाल यह है कि आमजन की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया है। यही नहीं जीएसटी चोरी की बात भी साफ साफ दिखाई दे रही है। करोड़ों की रकम कंपनी ने डकार ली है। जिला आबकारी अधिकारी पवन कुमार सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। उसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

आबकारी निरीक्षक की भूमिका संदिग्ध

सैनिटाइजर बनाने के इस प्रकरण में एक आबकारी निरीक्षक की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। चर्चा है कि निरीक्षक ने पर्दे के पीछे से बड़ा खेल खेला है। उसे यह जानकारी थी कि बिना लाइसेंस के ही सैनिटाइजर बनाया जा रहा है। आबकारी विभाग के कुछ अफसर को भी इसकी भनक थी।

एफआईआर दर्ज करने को लेकर चल रहा मंथन

सैनिटाइजर के गोरखधंधे को लेकर कंपनी प्रबंधन पर धोखाधड़ी समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है। अंदरखाने इस पर पूरा मंथन चल रहा है। दरअसल बिना लाइसेंस के सैनिटाइजर बनाना धोखाधड़ी की ही श्रेणी में आता है। इसके अलावा कंपनी एक्ट में भी कार्रवाई के प्रावधान तलाशे जा रहे हैं।

कंपनी ने जो सैनिटाइजन बनाया है, उसके लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं थी। कंपनी गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं करती है और न ही आमजन की सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ किया गया है। आबकारी विभाग की जांच में पूरी मदद की जा रही है।
- अशोक राजपूत, प्लांट हेड, वीएलसीसी सिडकुल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed