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'निजीकरण' की मार से मरीज होंगे 'बेहाल'
अमर उजाला, रजा शास्त्री, देहरादून
Updated Fri, 23 Aug 2013 11:44 PM IST
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देहरादून के कोरोनेशन के निजीकरण की अगली कड़ी में फिजियोथेरेपी यूनिट की ‘विदाई’ तय हो गई है। टेंडर पड़ गए हैं। जिस कंपनी को फिजियोथेरेपी यूनिट दी जानी है उससे करार फाइनल है।
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कागजात की स्क्रीनिंग चल रही है। इसके बाद इसे कं पनी को सौंप दिया जाएगा। घोषणा तीन-चार दिन के अंदर होगी।
पीपीपी मोड
दून ग्रुप आफ हॉस्पिटल्स के निदेशक डा ललित मोहन गुसाईं ने बताया कि फिजियोथेरेपी के निजीकरण का मामला फाइनल है।
स्क्रीनिंग के बाद फिजियोथेरेपी यूनिट के पीपीपी मोड पर दिए जाने के संबंध में घोषणा हो जाएगी। कंपनी का नाम बाद में खोला जाएगा।
निजीकरण का मसला
अमर उजाला ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय संयुक्त चिकित्सालय (कोरोनेशन) के निजीकरण के मामले को पहले ही उठाया था।
शासन ने एक-एक यूनिट करके पूरे अस्पताल को निजी हाथों में सौंपने की योजना बनाई है। इसके लिए विभिन्न कंपनियां जिम्मेदारों के संपर्क में हैं।
फोर्टिस और अपोलो
इसके पहले फोर्टिस और अपोलो को हृदयरोग और गुर्दारोग विभाग दिए जा चुके हैं। फिजियोथेरेपी के बाद आर्थोपेडिक्स और दंत रोग विभाग को निजी हाथों में दिए जाने की योजना है। सूत्रों का कहना है कि इन विभागों के लिए भी कंपनियों से टेंडर मांगे जा रहे हैं।
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