उत्तराखंड को क्रिकेट मान्यता मिलने की उम्मीद जगी
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उत्तराखंड को मान्यता देने की रूपरेखा तैयार कर दी है। अब गेंद पूरी तरह से राज्य में कार्यरत सभी क्रिकेट एसोसिएशन के पाले में है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड की एफिलिएशन कमेटी के सदस्य पूर्व टेस्ट क्रिकेटर व भारतीय कोच रहे अंशुमान गायकवाड़ और प्रकाश दीक्षित 14 जुलाई को सुबह दून आ रहे हैं।
दोनों बारी-बारी से राज्य में कार्यरत एसोसिएशनों से बात करेंगे और उनके द्वारा राज्य में क्रिकेट को लेकर किए गए कार्यों की पड़ताल करेंगे। इसके लिए एसोसिएशन को अलग-अलग समय भी दिया गया है। दोनों सदस्य अपनी रिपोर्ट बीसीसीआई को सौंपेंगे और इसके बाद बोर्ड मान्यता पर फैसला लेगा। कुल मिलाकर बोर्ड की यह पहल राज्य के खिलाड़ियों के लिए अच्छी साबित होगी।
14-15 जुलाई को होने वाली मीटिंग में सब कुछ ठीक रहा तो उत्तराखंड को बीसीसीआई की मान्यता का रास्ता साफ हो जाएगा। इससे जहां खिलाड़ियों का भला होगा, वहीं प्रदेश का नाम भी ऊंचा होगा। बोर्ड की मान्यता मिलते ही सेंट्रल जोन से उत्तराखंड छठी टीम हो जाएगी। अभी तक इसमें उत्तरप्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ शामिल हैं।
बीसीसीआई अध्यक्ष बनने पर अनुराग ठाकुर ने किया था वादा
बोर्ड की ओर से मान्यता देने के लिए शुरू की गई इस कोशिश के पीछे जहां लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें हैं, तो वहीं बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर की पहल भी है।
उन्होंने ही पिछले दिनों किए हुए वादे के मुताबिक अध्यक्ष बनते ही इस दिशा में कदम बढ़ाया है। जानकारी के मुताबिक बीसीसीआई ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के पीसी वर्मा, यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन के राजेंद्र पाल, उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन के चंद्रकांत आर्य और उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के दिव्य नौटियाल समेत कुछ और एसोसिएशन को बुलावा भेजा है।
यह बैठक देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक होटल में होगी। मालूम हो कि बीसीसीआई में कई बार उत्तराखंड को मान्यता देने के लिए पैरवी हुई, पर हर बार मामला एसोसिएशन के झगड़े के कारण लटक जाता है। पर इस बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों से उम्मीद है कि वह अपने अहम से ज्यादा खिलाड़ियों के भविष्य की ओर ध्यान देंगे।