फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   BC khanduri blame uttarakhand government

'भ्रष्टाचार खत्म नहीं करना चाहती उत्तराखंड सरकार'

Fri, 22 Aug 2014 01:52 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 22 Aug 2014 01:52 PM IST
विज्ञापन
BC khanduri blame uttarakhand government

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व पौड़ी से सांसद बीसी खंडूड़ी ने कहा कि लोकायुक्त पर राज्य सरकार की नीयत ठीक नहीं है।

विज्ञापन


खंडूड़ी ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया
सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के बजाय बढ़ावा देने का काम कर रही है। पहाड़ की बदहाल स्थिति पर सीएम ने कहा कि कब कौन सी सड़क बीआरओ से लेकर पीडब्लूडी को दी जा रही है और कब वापस ली जा रही है, पता ही नहीं चलता।

खंडूड़ी ने वन रैंक वन पेंशन के लिए बजट का प्रावधान करने का केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। यमुना कॉलोनी स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में पौड़ी सांसद बीसी खंडूड़ी ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि पहले तो राष्ट्रपति से मंजूरी वाले लोकायुक्त एक्ट को निरस्त कर दिया गया, फिर यूपीए सरकार का लागू किया लेकिन फिर छह महीने बीत गए और लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे साबित होता है कि सरकार भ्रष्टाचार को दूर नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि सरकार पहाड़ को लेकर भी संवेदनशील नहीं है। पर्वतीय क्षेत्रों में हालात खराब है, पौड़ी जिले में तो हालत और भी गंभीर हो गई है लेकिन सरकार को कोई चिंता नहीं है।

चार धाम यात्रा के इंतजाम नहीं है, केदारघाटी में अभी भी हालात सामान्य नहीं, गुप्तकाशी से आगे जाने का कोई रास्ता नहीं है। सड़कों का बुरा हाल है, कभी एक ही सड़क बीआरओ के पास होती है तो कभी पीडब्लूडी के अधीन हो जाती है।

इससे भ्रम की स्थिति बनी है। वन रैंक वन पेंशन केलिए बजट प्रोविजन करने पर खंडूड़ी ने केंद्र का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों सैनिकों को इसका फायदा मिलेगा।


योजना तो 2002 में अटल सरकार ने शुरू की थी

बीसी खंडूड़ी ने कहा कि लोस चुनाव से पहले लांच की गई केंद्र की यूपीए सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना तो वर्ष 2002 में अटल बिहारी वाजपेई लांच कर चुके थे।

इसमें दो रुपए किलो गेहूं और तीन रुपए किलो चावल का इंतजाम किया गया। इसके अलावा अन्नपूर्णा योजना के तहत दस किलो राशन एक परिवार को निशुल्क देने का प्रावधान किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed