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निकाय चुनाव 2018: उत्तराखंड में ईवीएम नहीं बैलेट पेपर से होंगे चुनाव, सामने आई एक नहीं कई वजह 

Tue, 16 Oct 2018 08:39 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 16 Oct 2018 08:39 AM IST
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Ballot paper will use in uttarakhand nikay chunav 2018 not evm 
बैलेट पेपर से चुनाव

नगर निकाय के इस बार के चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से किनाराकशी की एक नहीं, बल्कि कई वजह रही है। बडे़ पैमाने पर निकायों के सीमा विस्तार, चुनाव की जल्दबाजी, वीवीपेट्स के इस्तेमाल पर जोर जैसी कई वजहों के चलते आयोग को इस विकल्प से बचने में ही भलाई नजर आई।

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राज्य निर्वाचन आयोग के पास अपनी ईवीएम की संख्या 1790 है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम से राज्य निर्वाचन आयोग का लेना-देना नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग ने कुछ महीनों पहले सरकार से नई ईवीएम की खरीद के लिए सात करोड़ का बजट मांगा था।
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हालांकि यह बजट अब भी नहीं मिल पाया है। इन स्थितियों के बीच, जिस तरह जल्दबाजी में नगर निकाय के चुनाव कराए जा रहे हैं, उससे भी आयोग ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर सहज नहीं रहा।
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हाल ही में ईवीएम के साथ वीवीपेट्स जोड़ने पर जिस तरह जोर दिया गया है, उसमें कम समय में ज्यादा बंदोबस्त की चुनौती आयोग के सामने थी। बडे़ पैमाने पर हुए निकायों के सीमा विस्तार के कारण भी राज्य निर्वाचन आयोग ईवीएम से किनारा करता हुआ नजर आया है। 

दरअसल, देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी समेत तमाम निकायों में बडे़ पैमाने पर सीमा विस्तार हुआ है। देहरादून नगर निगम का ही उदाहरण लें, जहां 2013 में सिर्फ 60 वार्ड थे, वहां अब 100 वार्ड हो गए हैं।

72 गांवों को नगर निगम में शामिल करने के बाद इसका दायरा बहुत फैल गया है। आयोग सूत्रों के अनुसार मौजूदा स्थिति में बहुत ही कम निकायों में ईवीएम से चुनाव कराए जा सकते थे। पिछली बार दून, हरिद्वार, रुड़की और हल्द्वानी में ईवीएम से चुनाव कराए गए थे।

-हमारे पास बहुत कम ईवीएम हैं। कई ईवीएम खराब भी पड़ी हैं। हमने हरियाणा से भी ईवीएम लेने की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हो पाए। इतने कम समय में ईवीएम पर चुनाव कराने में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए ही सभी जगह बैलेट से चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है।
-चंद्रशेखर भट्ट, राज्य निर्वाचन आयुक्त

ऊधमसिंह नगर में निकाय, तो वोटर दून में ज्यादा

निकायों की संख्या के मामले में उत्तराखंड का ऊधमसिंह नगर जिला सबसे आगे है। इस जिले में 15 नगर निकाय हैं। ऊधमसिंह नगर में सबसे ज्यादा 226 वार्ड भी हैं। देहरादून जिले में सिर्फ छह नगर निकाय हैं। सबसे ज्यादा आठ लाख 49 हजार 85 वोटर वाले देहरादून जिले की स्थिति निकायों की संख्या के मामले में टिहरी 10 निकाय और हरिद्वार 8 निकाय से भी कम है।

हरिद्वार में 140 वार्ड हैं, जबकि टिहरी में वार्डों की संख्या 68 है। वार्ड के मामले मे उधमसिंह नगर के बाद दून का नंबर है, जहां पर 193 वार्ड हैं। इसमें सबसे ज्यादा सौ वार्ड देहरादून नगर निगम में हैं। नैनीताल जिले में निकायों की संख्या सात और  कुल 125 वार्ड हैं।

शेष जिलों में कितने निकाय और कितने वार्ड
जिला        निकाय        वार्ड
अल्मोड़ा     04             28
बागेश्वर      02            18
चमोली       09            60
चंपावत      04            34
पौड़ी         05            63
पिथौरागढ़    05            48
रुद्रप्रयाग     04            22
टिहरी        10          68
उत्तरकाशी   05            39

 

किस जिले में कितने वोटर

जिला             स्त्री       पुरुष       कुल संख्या
अल्मोड़ा        15607    15775    31382
बागेश्वर         9811      9853     50087
चमोली          24078    26009    50087 
चंपावत          14349    15044    29393
देहरादून          384946  420039   804985
हरिद्वार           154753  172137   326890
नैनीताल         147005  154472    301477
पौड़ी            64260    73779     138039
पिथौरागढ़        25452   23826     49278
रुद्रप्रयाग         6626    7126       13752
टिहरी            28428   33996     62424
ऊधमसिंहनगर   252592  235147   487739
उत्तरकाशी       20120    22610    42730
 
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