{"_id":"6a4ffb833d4287863d0c76d8","slug":"bahuguna-will-review-reports-on-ministers-projects-costing-over-five-crore-rupees-dehradun-news-c-5-drn1043-1013955-2026-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: मंत्रियों के पांच करोड़ से ऊपर के कार्यों की रिपोर्ट बहुगुणा लेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: मंत्रियों के पांच करोड़ से ऊपर के कार्यों की रिपोर्ट बहुगुणा लेंगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून। चुनावी वर्ष में धामी सरकार ने मंत्रियों की पांच करोड़ से ऊपर की परियोजनाओं को देखने की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को सौंपी है। सभी मंत्रियों के ऐसे कार्यों की पूरी रिपोर्ट बहुगुणा के पास आएगी और इसकी एक कॉपी मुख्यमंत्री कार्यालय भी भेजी जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय का एक आदेश बृहस्पतिवार को सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री के प्रमुख निजी सचिव भूपेंद्र सिंह बसेड़ा की ओर से सभी मंत्रियों के मुख्य निजी सचिव, वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव, प्रमुख निजी सचिव, वरिष्ठ निजी सचिव व निजी सचिवों के नाम यह पत्र जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि विभिन्न विभागों में गतिमान पांच करोड़ या इससे अधिक के बजट की योजनाओं (जो जनहित में लाभकारी हों) का विवरण और ब्रीफ नोट बनाकर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के पास भेजना होगा। उसकी एक कॉपी मुख्यमंत्री कार्यालय को भी उपलब्ध करानी होगी। कई वरिष्ठ मंत्रियों के होते हुए युवा मंत्री को यह जिम्मेदारी सौंपने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय ने साफ किया है कि यह केवल एक व्यवस्था बनाई गई है ताकि सभी जनहित के कार्य समय से पूरे कराए जा सकें।
-- -- -- -
बहुगुणा को ही क्यों दी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक बड़े अधिकारी का कहना है कि कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा तेज तर्रार और सुलझे हुए मंत्रियों के रूप में जाने जाते हैं। चूंकि ये चुनावी वर्ष है लिहाजा सरकार किसी भी स्तर पर कोई सुस्ती नहीं चाहती। जनहित की उन सभी बड़ी परियोजनाओं को समय से पूरा करने का निर्णय लिया गया है, ताकि चुनाव के दौरान उसका लाभ सरकार को मिल सके। अभी अलग-अलग मंत्रियों से रिपोर्ट लेकर निगरानी करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य है। वहीं, सियासी गलियारों में चर्चा यह भी है कि कैबिनेट में कई वरिष्ठ मंत्रियों के होते हुए युवा मंत्री बहुगुणा को जिम्मेदारी देने से कहीं टकराव की स्थिति पैदा न हो जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री कार्यालय का एक आदेश बृहस्पतिवार को सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री के प्रमुख निजी सचिव भूपेंद्र सिंह बसेड़ा की ओर से सभी मंत्रियों के मुख्य निजी सचिव, वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव, प्रमुख निजी सचिव, वरिष्ठ निजी सचिव व निजी सचिवों के नाम यह पत्र जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि विभिन्न विभागों में गतिमान पांच करोड़ या इससे अधिक के बजट की योजनाओं (जो जनहित में लाभकारी हों) का विवरण और ब्रीफ नोट बनाकर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के पास भेजना होगा। उसकी एक कॉपी मुख्यमंत्री कार्यालय को भी उपलब्ध करानी होगी। कई वरिष्ठ मंत्रियों के होते हुए युवा मंत्री को यह जिम्मेदारी सौंपने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय ने साफ किया है कि यह केवल एक व्यवस्था बनाई गई है ताकि सभी जनहित के कार्य समय से पूरे कराए जा सकें।
विज्ञापन
बहुगुणा को ही क्यों दी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक बड़े अधिकारी का कहना है कि कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा तेज तर्रार और सुलझे हुए मंत्रियों के रूप में जाने जाते हैं। चूंकि ये चुनावी वर्ष है लिहाजा सरकार किसी भी स्तर पर कोई सुस्ती नहीं चाहती। जनहित की उन सभी बड़ी परियोजनाओं को समय से पूरा करने का निर्णय लिया गया है, ताकि चुनाव के दौरान उसका लाभ सरकार को मिल सके। अभी अलग-अलग मंत्रियों से रिपोर्ट लेकर निगरानी करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य है। वहीं, सियासी गलियारों में चर्चा यह भी है कि कैबिनेट में कई वरिष्ठ मंत्रियों के होते हुए युवा मंत्री बहुगुणा को जिम्मेदारी देने से कहीं टकराव की स्थिति पैदा न हो जाए।
विज्ञापन