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बागेश्वर: गलघोंटू से पीड़ित बच्ची की मौत, कपकोट क्षेत्र में सात मासूम तोड़ चुके दम
Mon, 05 Oct 2020 09:14 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गरुड़/बागेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गरुड़/बागेश्वर
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 05 Oct 2020 09:14 PM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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गलघोंटू बीमारी से पीड़ित गरुड़ के बागेश्वर के सिमखेत गांव की हर्षिता की हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। जिले में गलघोंटू से यह आठवीं मौत है। बावजूद इसके स्वास्थ्य महकमा और सरकार तीन महीने बाद भी जिले के अस्पतालों में एंटी टॉक्सिन की व्यवस्था नहीं कर पाई है। इससे लोगों में रोष है।
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सिमखेत निवासी हरीश सिंह की बेटी हर्षिता (12) एक हफ्ते पहले गलघोंटू की चपेट में आ गई थी। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए, जहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया गया।
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डॉक्टरों ने बच्ची में गलघोंटू के लक्षण पाए जाने की पुष्टि की थी। रविवार को इलाज के दौरान हल्द्वानी एसटीएच में उसका निधन हो गया। सोमवार सुबह परिजन मासूम का शव लेकर गांव पहुंचे। स्थानीय श्मशान घाट में बच्ची के शव को दफनाया गया।
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स्वास्थ्य विभाग और सरकार लापरवाह : फर्स्वाण
पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में गलघोंटू से आठ बच्चों की मौत हो गई है। 20 दिन पहले कांग्रेस ने मामले में धरना दिया था। धरनास्थल पर सीएमओ ने 15 दिन के भीतर गलघोंटू में कारगर एंटी टॉक्सिन इंजेक्शन मंगवाने का लिखित आश्वासन दिया था लेकिन स्वास्थ्य महकमा आज तक इंजेक्शन नहीं मंगा पाया। जिला पंचायत सदय गोपाल सिंह किरमोलिया ने सरकार से प्रभावित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। कहा कि वह अपनी ओर से भी पीड़ित परिवार की मदद करेंगे। उन्होंने क्षेत्र में टीकाकरण करने की भी मांग की है।
कपकोट क्षेत्र में हो चुकी सात मासूमों की मौत
गलघोंटू बीमारी ने जुलाई महीने में कपकोट के चचई गांव में दस्तक दे दी थी। चचई में छह और उसके पड़ोसी गांव जगथाना में एक बच्चे की मौत इस बीमारी से हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने गलघोंटू रोग फैलने की पुष्टि की थी। प्रभावित गांवों में शिविर लगाए थे लेकिन बीमारी पर काबू नहीं पा पाए।
सिमखेत गांव में चिकित्सक निगरानी रखे हुए हैं। गांव में वीपीडी (वैल्यू ऑफ वैक्सीनेशन) टीडी (टेटनेस एंड डिप्थीरिया) का टीकाकरण शुरू किया गया है।
- डॉ. बीडी जोशी, मुख्य चिकित्साधिकारी (बागेश्वर)