बदरीनाथ हाईवे बहा, रास्ते में फंसे 550 तीर्थयात्री
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मूसलाधार बारिश से लामबगड़ में गदेरे के उफान पर आने से बदरीनाथ हाईवे का बीस मीटर हिस्सा अलकनंदा में समा गया। लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में लगातार चट्टान से पत्थर और मलबा हाईवे पर गिर रहा है। हाईवे बंद होने से पांडुकेश्वर में 200, लामबगड़ में 100 और बदरीनाथ में 150 तीर्थयात्री फंसे हुए हैं।
वहीं देर शाम पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने बदरीनाथ की यात्रा कर लौट रहे करीब 100 तीर्थयात्रियों को आगे जाने से रोक दिया। उन्हें गोविंदघाट गुरुद्वारे में ठहराया गया है। दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश से हाईवे खोलने का काम भी शुरू नहीं हो पाया। बीआरओ ने बृहस्पतिवार तक हाईवे खोलने का दावा किया है।
मंगलवार रात को तेज बारिश के दौरान लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में मलबा और बोल्डर आने से बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया था। बुधवार को भी बारिश होने से हाईवे खोलने का काम शुरू नहीं हो पाया। हाईवे न खुलने से पांडुकेश्वर से करीब 30 तीर्थयात्री लामबगड़ से करीब तीन किमी पैदल चले और फिर वाहन से बदरीनाथ धाम पहुंचे।
मार्ग खुलने में लग सकते हैं दो से तीन दिन
दोपहर बाद करीब चार बजे हुई मूसलाधार बारिश से लामबगड़ में गदेरे के उफान पर आने से बदरीनाथ हाईवे का बीस मीटर हिस्सा अलकनंदा में समा गया। लामबगड़ गांव निवासी महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि लामबगड़ में हिल साइड बड़े-बड़े बोल्डर अटके हैं। यदि मौसम नहीं खुला तो हाईवे सुचारु होने में दो से तीन दिन लग सकते हैं।
बीआरओ के कमांडर कर्नल एसएस मक्कर ने कहा कि तेज बारिश और चट्टान से छिटक रहे पत्थरों से हाईवे खोलने का काम प्रभावित हो रहा है। बृहस्पतिवार को मौसम साफ रहा तो हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
इधर, चमोली की एसपी तृप्ति भट्ट का कहना है कि बदरीनाथ, पांडुकेश्वर, लामबगड़ और गोविंदघाट गुरुद्वारे में तीर्थयात्रियों के ठहरने और खाने की पूरी व्यवस्था है। हाईवे खुलने के बाद यात्रियों को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया जाएगा।