उत्तराखंड: केदारनाथ की तर्ज पर बदरीनाथ का मास्टर प्लान तैयार, भव्य स्वरूप में दिखेगा धाम
- पर्यटन विभाग ने कंसलटेंसी से तैयार किया मास्टर प्लान
- मुख्य सचिव, पर्यटन मंत्री और मुख्यमंत्री की अंतिम अनुमति के पीएमओ को भेजा जाएगा प्लान
- मास्टर प्लान को धरातल पर उतारने में चारधाम देवस्थानम बोर्ड की होगी अहम भूमिका
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केदारनाथ धाम की तरह अब बदरीनाथ धाम का भव्य स्वरूप बनेगा। इसके लिए पर्यटन विभाग ने कंसलटेंसी के माध्यम से मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। प्रस्तावित प्लान पर स्थानीय तीर्थ पुरोहितों, हक हकूक धारियों और स्थानीय लोगों से सुझाव लेने के बाद मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री और मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। सहमति के बाद मास्टर प्लान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा।
पर्यटन विभाग ने पहली बार बदरीनाथ धाम को भव्य स्वरूप देने के लिए मास्टर प्लान बनाया है। इसमें बदरीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाएं के साथ सौंदर्यीकरण के कार्य किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को ठंड से बचने का इंतजाम, ठहरने, बैठने के साथ बदरी ताल, नेत्र ताल का सौंदर्यीकरण, पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। मास्टर प्लान में परिसर में खुली जगह मिलेगी। अभी तक प्रवेश द्वार पर जगह कम होने से श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि मास्टर प्लान को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। स्थानीय लोगों और पुरोहितों के साथ मास्टर प्लान का सुझाव लेने के बाद दोबारा से सीएम, पर्यटन मंत्री और मुख्य सचिव के समक्ष रखा जाएगा। प्लान को अंतिम सहमति के बाद ही पीएमओ को भेजा जाएगा।
सालभर पर्यटन के लिए एक्शन प्लान बनाएगी सरकार
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सालभर पर्यटन गतिविधियां संचालित करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष तौर पर यात्रा मार्ग पर स्थित पर्यटन स्थलों में यात्रा अवधि के अलावा भी पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बदरीनाथ धाम के प्रस्तावित मास्टर प्लान से भी मुख्यमंत्री को अवगत करवाया।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सलाहकार अश्विनी लोहानी और फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडिया टूरिज्म एंड हॉस्पिटेल्टी के महासचिव सुभाष गोयल के साथ प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाना देने पर चर्चा की। उन्होंने बदरीनाथ के मास्टर प्लान पर तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय लोगों के सुझाव प्राप्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में लोहानी ने उत्तराखंड पर्यटन को ब्रांड के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने प्रदेश की समृद्ध वाइल्ड लाइफ में भी पर्यटन की काफी संभावना जताई। गोयल ने कहा कि उत्तराखंड में हाई एंड टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसमें टूरिज्म इंडस्ट्री और पर्यटन से जुड़ी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए।
सचिव पर्यटन जावलकर ने उत्तराखंड में पर्यटन के विविध आयामों व वर्तमान में चल रही पर्यटन परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने चारधाम देवस्थानम बोर्ड, होम स्टे, एडवेंचर टूरिज्म, रोप-वे प्रोजेक्ट, 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन आदि के बारे में अवगत करवाया।