चारधाम यात्रा 2020: घोषित हुई तिथि, 30 अप्रैल को इस शुभ मुहूर्त में खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
- 30 अप्रैल को खुलेंगे भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट
- राजदरबार में ग्रह नक्षत्रों की दशा देखकर निकाला गया दिन
- बदरीविशाल के महाभिषेक के लिए 18 अप्रैल को पिरोया जाएगा तिलों का तेल
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इस वर्ष भगवान श्री बदरीनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए 30 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4.30 बजे पर खोले जाएंगे। वसंत पंचमी पर नरेंद्रनगर राजदरबार में कुल पुरोहितों ने महाराज मनुज्येंद्र शाह की जन्म कुंडली देखकर मंदिर के कपाट खोलने का मुहूर्त निकाला, जबकि भगवान बदरी विशाल के महाभिषेक के लिए तिलों का तेल 18 अप्रैल को पिरोया जाएगा।
राजदरबार में आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल, संपूर्णानंद जोशी और हेतराम थपलियाल ने गणेश, पचांग और चौकी पूजन के बाद महाराजा मनुज्येंद्र शाह की जन्म कुंडली का अध्ययन और ग्रह नक्षत्रों की दशा देखकर भगवान श्री बदरीनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोलने की तिथि घोषित की। महाराजा ने सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दी। भगवान बदरीविशाल के महाभिषेक के लिए स्थानीय सुहागिन महिलाएं महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह के नेतृत्व में 18 अप्रैल को राजदरबार में तिलों का तेल निकालेंगी।
उसके पश्चात गाडू घड़ा यात्रा को लेकर डिम्मर पंचायत के लोग अपने गंतव्य को प्रस्थान करेंगे। इस बीच यात्रा ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, डिमर गांव और पांडुकेश्वर आदि विभिन्न स्थानों पर रुकने के बाद 29 अप्रैल को बदरीविशाल के मंदिर में पहुंचेगी। 30 अप्रैल को तिलों के तेल से बदरीविशाल का महाभिषेक के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
इस मौके पर बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, उपाध्यक्ष अशोक खत्री, चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममर्गाइं, बदरीनाथ के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, सीईओ बीडी सिंह, धर्माधिकारी भुवन उनियाल, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष विनोद डिमरी, सचिव राजेंद्र डिमरी, आशुतोष डिमरी, सुरेश डिमरी, सदस्य अरुण मैठाणी, चंद्रकला ध्यानी, राजपाल पुंडीर, राजपाल जड़धारी, इंद्रमणी गैरोला आदि उपस्थित रहे।
बांह पर काली पट्टी बांधकर किया विरोध
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के मुहूर्त पर नरेंद्रनगर राजदरबार पहुंचे डिमरी पंचायत के प्रतिनिधियों ने देवस्थानम अधिनियम का विरोध किया। डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों ने विरोध स्वरूप बांह पर काली पट्टी बांधकर अधिनियम का विरोध किया। उन्होंने कहा सरकार तीर्थ पुरोहितों के हक हकूकों पर कुठाराघात कर रही है, जिसका वे डटकर विरोध करेंगे। डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के उपाध्यक्ष भाष्कर डिमरी ने कहा कि एक ओर सरकार विभिन्न उपक्रमों का निजीकरण कर रही है, तो मंदिरों का सरकारीकरण क्यों किया जा रहा है।
तीर्थ पुरोहितों के विरोध को देखते हुए राजमहल परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं का कहना है कि देवस्थानम अधिनियम से उत्तराखंड के मंदिरों की व्यवस्थाएं सुधरेगी। इससे रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। तीर्थयात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेगी। पहले अधिनियम को लेकर भ्रम था, लेकिन एक्ट का अध्ययन के बाद स्पष्ट हो गया कि तीर्थ पुरोहितों के हक हकूक यथावत रहेंगे।
तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिले इसके लिए मंदिर समिति अभी से तैयारियों में जुट जाएगी। मंदिर समिति ने सरकार को सुझाव दिया है कि चारधाम के अलावा प्रदेश के पौराणिक मठ-मंदिरों का प्रचार-प्रसार किया जाए। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को ऑल वेदर रोड की सौगात दी है, जो चारधाम यात्रा के लिए वरदान साबित होगी।
- मोहन प्रसाद थपलियाल, अध्यक्ष, बदरी-केदार मंदिर समिति
21 फरवरी को तय होगी केदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होने के बाद चारधाम यात्रा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि शिवरात्रि 21 फरवरी 2020 को तय होगी। जबकि गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया को खुलते हैं। इस वर्ष अक्षय तृतीया 26 अप्रैल को है। इसके साथ चारधाम यात्रा का आगाज भी हो जाएगा।