नौकरी का सपना सजोए 28 लाख युवाओं के लिए बुरी खबर
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देश में उच्च शिक्षा की स्थिति को लेकर आई दो रिपोर्ट ने शिक्षाविदों को चिंता में डाल दिया है। क्या है इन रिपोर्टों में जानने के लिए पढ़ें...
एक एजेंसी की रिपोर्ट कह रही है कि देश में हर साल करीब 28 लाख ऐसे स्नातक तैयार हो रहे हैं जो रोजगार पाने योग्य तक नहीं हैं। वहीं एक सरकारी एजेंसी कह रही है कि 90 फीसदी डिग्री कॉलेजों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता उच्च स्तर की नहीं है। इन रिपोर्ट के सामने आने के बाद प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर जरुरी कदम उठाए जाने की कवायद शुरु हो गई है।
नेशनल एसोसिएसन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनी (नासकॉम) की ओर से एक रिपोर्ट आई है, जिसमें कहा गया है कि देशभर में प्रतिवर्ष 37 लाख युवा स्नातक उपाधि हासिल करते हैं। इनमें से मात्र 25 प्रतिशत यानी करीब नौ लाख युवा ही रोजगार प्राप्त करने योग्य हैं।
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर मध्यम अथवा दोषपूर्ण
वहीं विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के मूल्यांकन के लिए यूजीसी की राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यापन परिषद (नॉक) ने पाया कि 90 प्रतिशत महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर मध्यम अथवा दोषपूर्ण है।
उत्तराखंड उच्च शिक्षा परिषद की ओर से इन दोनों रिपोर्टों का अध्ययन किया गया है। परिषद ने माना है कि प्रदेश में भी हालात इससे इतर नहीं हैं। अधिकतर स्नातक और स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों के ज्ञान का स्तर न्यून है।
परिषद ने कहा है कि अप्रसांगिक एवं अनुपयोगी पाठ्यक्रम बेरोजगारी को बढ़ावा दे रहे हैं। पाठ्यक्रम में अरुचि के कारण शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति की स्थिति भी चिंताजनक है। परिषद ने सरकार से पाठ्यक्रम में परिवर्तन की संस्तुति की है।
उच्च शिक्षा परिषद की अन्य संस्तुति
- विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में सुबह दस बजे से तीन बजे तक गैर छात्र-छात्राओं का प्रवेश पूर्ण प्रतिबंधित किया जाए।
- अभिभावकों को केवल शाम तीन से चार बजे के बीच प्रवेश की अनुमति।
- विद्यार्थियों को गले में परिचय पत्र लटकाना अनिवार्य किया जाए।
- कक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति का कठोरता से अनुपालन हो।
- छात्र संघ चुनाव में लिंगदोह समिति की सिफारिशों का अक्षरश: पालन हो।
समय बदला है। हमारे बच्चों को भी नया पढ़ने को मिलना चाहिए। पाठ्यक्रम में परिवर्तन आवश्यक है। इसके लिए शिक्षाविदों और विषय विशेषज्ञों की कमेटी बनाने के लिए कहा गया है। शिक्षा की गुणवत्ता के लिए सभी जरुरी उपाय किए जाएंगे।
- इंदिरा ह्दयेश, उच्च शिक्षा मंत्री