फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Ayushman Yojana: Hospital will face heavy fine If collected money from patients

Ayushman Yojana: मरीजों से पैसा वसूला तो अस्पताल पर लगेगा भारी जुर्माना, पढ़ें कितनी देनी पड़ सकती है रकम

Sun, 06 Nov 2022 12:11 PM IST
अलका त्यागी भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 06 Nov 2022 12:11 PM IST
सार

आयुष्मान योजना में कार्ड धारकों को सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा है। मरीज को डिस्चार्ज करने पर 15 दिन की दवाई भी मुफ्त देने की व्यवस्था है। लेकिन इस प्रक्रिया में सूचीबद्ध अस्पताल गड़बड़ी कर रहे हैं।

विज्ञापन
Ayushman Yojana: Hospital will face heavy fine If collected money from patients
भरना पड़ेगा जुर्माना - फोटो : istock

विस्तार

उत्तराखंड सरकार और राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की सख्ती के बावजूद आयुष्मान योजना में कार्ड धारकों के इलाज में फर्जीवाड़ा जारी है। योजना में सूचीबद्ध अस्पताल मरीजों से इलाज का पैसा वसूल रहे हैं। साथ ही इलाज पर आने वाले खर्च का क्लेम भी सरकार को भेज रहे हैं। मरीजों से पैसा लेने वाले 32 निजी अस्पतालों पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से तगड़ा जुर्माना वसूला गया है। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन नहीं सुधरे तो दूसरी बार में क्लेम राशि का पांच गुना और तीसरी बार में 10 गुना जुर्माना वसूला जाएगा। 

विज्ञापन


Uttarakhand: अगले साल से हिंदी में भी होगी मेडिकल की पढ़ाई, ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य होगा उत्तराखंड
विज्ञापन


आयुष्मान योजना में कार्ड धारकों को सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा है। मरीज को डिस्चार्ज करने पर 15 दिन की दवाई भी मुफ्त देने की व्यवस्था है। इस प्रक्रिया में सूचीबद्ध अस्पताल गड़बड़ी कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने दो अक्तूबर से अस्पतालों को क्लेम भुगतान के लिए नई व्यवस्था को लागू किया। इसमें अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने वाले मरीज से सत्यापन प्रमाण अनिवार्य किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा अस्पतालों को भी क्लेम दावे को लेकर स्व: सत्यापित प्रमाणपत्र देना होगा। साथ ही क्लेम बिल को मरीज से सत्यापित कराना होगा। अक्तूबर महीने में नई व्यवस्था के तहत अस्पतालों से क्लेम दावे के लगभग 5500 से अधिक आवेदन मिले। इसमें 32 मामलों में 12 अस्पतालों ने मरीजों से इलाज का पैसा लिया। सत्यापन प्रमाणपत्र में मरीजों से अस्पताल प्रबंधन की ओर से पैसे लेने की बात कही, जबकि लगभग 1700 से अधिक क्लेम आवेदनों को रद्द कर दिया गया। इन आवेदनों में अस्पतालों की ओर से क्लेम के लिए दस्तावेजों की प्रक्रिया तो अपनाई गई, लेकिन आवेदन पत्र में महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी गई। 

कॉल सेंटर से प्रमाणपत्रों का सत्यापन

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से कॉल सेंटर से भी अस्पतालों की ओर से क्लेम बिलों के साथ दिए जाने वाले प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जाता है। इलाज कराने वाले मरीज ने अस्पतालों को प्रमाणपत्र दिया है या नहीं, हस्ताक्षर, इलाज करने पर पैसे का भुगतान समेत अन्य जानकारी का सत्यापन किया जाता है। 


एक दिन में औसतन 500 से अधिक मरीज हो रहे भर्ती

आयुष्मान योजना में प्रतिदिन औसतन 500 से अधिक मरीज सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती किए जा रहे हैं। योजना में अब तक 5.95 लाख लाभार्थियों का मुफ्त इलाज किया गया। इस पर 1046 करोड़ की राशि खर्च की गई। 

आयुष्मान योजना में पारदर्शी व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अस्पतालों को क्लेम भुगतान के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। जो अस्पताल मरीजों से इलाज का पैसा ले रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पहली बार में तीन गुना तक पेनल्टी लगाई जा रही है।
- डीके कोटिया, अध्यक्ष, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed