{"_id":"5f7771cf8ebc3e9bd40606fd","slug":"ayushman-yojana-golden-card-not-being-made-from-six-months","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुष्मान योजना: छह महीने से नहीं बन रहे गोल्डन कार्ड, तीन लाख कर्मचारी और पेंशनर कर रहे इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुष्मान योजना: छह महीने से नहीं बन रहे गोल्डन कार्ड, तीन लाख कर्मचारी और पेंशनर कर रहे इंतजार
Sat, 03 Oct 2020 12:02 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sat, 03 Oct 2020 12:02 AM IST
सार
- कोविड महामारी के कारण बंद है कार्ड बनाने की प्रक्रिया
- प्रदेश में अभी तक 30 लाख पात्र लाभार्थियों के नहीं बने गोल्डन कार्ड
विज्ञापन
आयुष्मान योजना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
22 मार्च को लॉकडाउन के बाद से प्रदेश में आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया लटकी हुई है। पिछले करीब छह महीने से लाभार्थियों के कार्ड नहीं बन रहे हैं। वहीं, तीन लाख कर्मचारी, पेंशनर भी गोल्डन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के लगभग 15 लाख गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं।
विज्ञापन
राज्य अटल आयुष्मान योजना में पात्र लाभार्थियों के वर्तमान में गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। प्रदेश में 30 लाख ऐसे लाभार्थी हैं, जिन्होंने गोल्डन कार्ड नहीं बनवाए हैं। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से अभी तक 39 लाख लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: आयुष्मान योजना: देश के अन्य राज्यों के लिए मिसाल बना उत्तराखंड, फ्रॉड रोकने और क्लेम भुगतान में नंबर वन
विज्ञापन
इसमें 99 प्रतिशत लाभार्थियों के कार्ड आधार कार्ड से लिंक हैं। दो साल में प्रदेश के 2.6 लाख से अधिक मरीजों के इलाज पर सरकार ने 192 करोड़ की राशि व्यय की है।
कोरोना महामारी के चलते आयुष्मान योजना में गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। कोरोना की स्थिति सामान्य होते ही गोल्डन बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यदि किसी पात्र व्यक्ति के कार्ड नहीं है तो उसका योजना में इलाज कराने के लिए अस्पतालों में तैनात आरोग्य मित्रों के माध्यम से कार्ड बनाने को कहा गया है।
-डीके कोटिया, अध्यक्ष, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण