बर्फीले तूफान में मरे 16 लोगों के शव बरामद
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हुदहुद तूफान के असर से पश्चिमी नेपाल के अन्नपूर्णा सर्किल में आए बर्फीले तूफान की चपेट में आए 16 पर्वतारोहियों के शव नेपाली सेना ने बरामद कर लिए हैं। बुधवार को हुई इस घटना में 24 पर्वतारोही दब गए थे।
ये लोग करीब पांच हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित अन्नपूर्णा पर्वत चोटी पर चढ़ने के बाद डंप कैंप रुके हुए थे। इन लोगों ने अन्नपूर्णा चोटी पर चढ़ने के लिए थोरांग दर्रा पार किया था। यह दर्रा भी लगभग 4800 मीटर की ऊंचाई पर है।
नेपाली मौसम विभाग के अनुसार हुदहुद तूफान का असर पश्चिमी नेपाल के पहाड़ी हिस्से में भी हुआ था। अचानक चक्रवाती हवाएं चलने लगीं और भारी बारिश होने लगी। चक्रवाती हवाओं के कारण थोरांग दर्रे के पास से एवलांच आ गया।
एवलांच की गति 200 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा थी। इसमें संभलने का मौका पर्वतारोहियों को नहीं मिल पाया। बताया गया है कि अन्नपूर्णा सर्किल में रोजाना 280 से 300 तक पर्वतारोही जाते हैं। इनकी मदद के लिए स्थानीय मजदूर और पोर्टर रहते हैं।
हिमस्खलन की अब तक की सबसे बड़ी त्रासदी
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि जिन 16 शवों को निकाला गया है उनमें तीन पुर्तगाली, तीन इस्रायली और एक भारतीय था। शेष नौ नेपाल के स्थानीय गांवों के निवासी थे।
भारतीय का शव मामलांग पहाड़ी के पास नारफू गांव से बरामद किया गया। यह व्यक्ति मंगलवार से लापता था। अभी उसके नाम और पते की जानकारी नहीं हो पाई है। मुस्तांग के जिलाधिकारी बाबू राम भंडारी ने बताया कि सेना के जवान लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं।
अब तक 18 घायलों को काठमांडू और पोखरा अस्पताल भेजा जा चुका है। मुस्तांग के पुलिस उपाधीक्षक विदुर कुनरेल ने बताया कि खोज और बचाव का काम अभी जारी रहेगा। एक दो दिन में खोज और बचाव का काम पूरा हो जाएगा।
नेपाल के पश्चिमांचल में हिमस्खलन की यह अब तक की सबसे बड़ी घटना है। आमतौर पर अक्तूबर में एवलांच आने की घटनाएं नहीं होती, लेकिन इस बार हुदहुद तूफान के कारण यह हादसा हो गया। नेपाल में पर्यटन और पर्वतारोहण रोजगार का प्रमुख जरिया है। सैकड़ों लोगों की आजीविका इसी से चलती है।