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साडा सचिव, डीएफओ, डीएचओ समेत कई अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज

Fri, 05 Mar 2021 12:35 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 05 Mar 2021 12:35 AM IST
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Authorities filed case for illegal plotting
विकासनगर। एसआईटी की जांच में आरोप सिद्ध होने पर कोतवाली पुलिस ने वर्ष 2007-2014 के बीच रहे साडा सचिवों, वनाधिकारी, फल उद्यान अधिकारी और भू-माफियाओं के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। विवेचना थानाध्यक्ष कालसी को सौंपी गई है। तत्कालीन अधिकारियों के कार्यकाल के दौरान हरबर्टपुर, जीवनगढ़, ढकरानी क्षेत्र में बड़ी तादाद में फलदार पेड़ों का अवैध कटान कर करीब 400 बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर दी गई थी। विकासनगर निवासी अनुज कंसल ने इस संबंध में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इस पर हाईकोर्ट ने दून घाटी विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) क्षेत्रांतर्गत हरबर्टपुर, विकासनगर और ढकरानी क्षेत्र के आसपास कृषि और बागवानी भूमि को आवासीय भूमि में परिवर्तित करने एवं फलदार पेड़ों को काटने की स्वीकृति दिए जाने से संबंधित प्रकरण में एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे। पूर्व में यह जांच पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र की अध्यक्षता में गठित एसआईटी द्वारा की जा रही थी। दोबारा पुलिस मुख्यालय द्वारा इस संबंध में लंबित जांच को पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र अजय रौतेला एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून डॉ. योगेंद्र सिंह रावत को संपादित करने के निर्देश हुए थे। इसके बाद गठित एसआईटी ने मामले में गहन जांच के लिए मामला दर्ज करने की संस्तुति की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि भूस्वामियों/कॉलोनाइजर (भू-माफिया) द्वारा शासन की अनुमति के बिना, बगीचे की भूमि का लैंड यूज परिवर्तित कराए बिना, हरबर्टपुर, जीवनगढ़ और ढकरानी क्षेत्र में करीब 400 बीघा भूमि पर प्लाटिंग के साथ-साथ पेड़ों का अवैध कटान किया गया। उन्होंने कई लोगों को प्लॉट बेच दिए। इसके अतिरिक्त वर्ष 2007 से 2014 के मध्य दून घाटी विशेष क्षेत्र प्राधिकरण के सचिव, वन विभाग के प्रभागीय वन अधिकारी कालसी, उद्यान विभाग के जिला उद्यान अधिकारी और इन विभाग के अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा भूस्वामियों और कॉलोनाइजर्स के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। शासन द्वारा संपादित एसआईटी की जांच के आधार पर थाना विकासनगर में दोषी मूल भूस्वामी/कॉलोनाइजर्स के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। कोतवाल राजीव रौथाण ने इसकी पुष्टि की है।
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