आज अमृतमय जल में विलीन होंगी दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियां
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त्रेतायुग से आज तक जिस पतित पावन स्थल पर खरबों लोगों की अस्थियां विलीन हुईं, वहीं आज दोपहर अटलजी की अस्थियां वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ गंगा में प्रवाहित की जाएंगी।
वास्तव में वैकुंठ से धरती पर मां गंगा का आगमन अस्थि विसर्जन के लिए ही हुआ था। अपने पुरखों की राख को कपिल मुनि के श्राप से मुक्त कराने के लिए भगवान राम के पुरखे राजा भगीरथ अस्थि प्रवाह के लिए ही गंगा को धरती पर लाए थे। समुद्र मंथन के समय जयंत ने हरकी पैड़ी के जिस स्थल पर अमृत कलश रखा था, उसी स्थल पर स्वनामधन्य अटलजी की अस्थियां विसर्जित की जाएंगी।
मान्यता है कि हरकी पैड़ी में कुंभ महापर्व पर चंद्रमा से अमृतरूपी सोम की वृष्टि होती है। अमृत मिलने से गंगाजल स्वयं अमृतमय हो जाता है। इसीलिए करोड़ों लोग इस जल में स्नान करते हैं और मरते समय इच्छा रखते हैं कि दो बूंद गंगाजल मुख में पहुंच जाए। मरने के बाद उनके परिवार वालों की पहली धारणा हरकी पैड़ी पर अस्थि प्रवाह की होती है।
असंख्य अस्थियां गंगा में विलीन
त्रेतायुग से आज तक असंख्य अस्थियां गंगा में विलीन हुई हैं। वन से लौटने के बाद भगवान राम भी सीता के साथ इसके तट पर हरिद्वार आए थे। उन्होंने हरकी पैड़ी पर स्नान कर कुशावर्त घाट पर राजा दशरथ का श्राद्घ संपन्न कराया था। सिखों के प्रथम गुरु नानकदेव से लेकर दशम गुरु गोविंद सिंह महाराज तक सभी की अस्थियां हरकी पैड़ी पर प्रवाहित की गईं।
राजा विक्रमादित्य के भाई भर्तृहरि ने हरकी पैड़ी के ऊपर पर्वत पर 50 वर्षों तक तप किया और यहीं पर प्राण त्यागे। उनकी अस्थियां इसी स्थल पर प्रवाहित की गईं। करोड़ों भारतवासी विश्व में कहीं भी निवास करते हों, अपने पुरखों की अस्थियां वहीं से गंगा में प्रवाहित करने के लिए लाते हैं।
आजादी के बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद, प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी आदि की अस्थियां यहीं प्रवाहित हुई। पाकिस्तान में रह गए सभी प्रांतों से भारत में आकर बसे लोग भी गंगा में अस्थि प्रवाहित करते हैं। अफगानिस्तान के काबुल और कंधार से लोग गंगा में अस्थियां विसर्जित करने पहुंचते हैं। देश के हृदय सम्राट अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां गंगा में प्रवाहित होने के बाद एक और अध्याय गंगा के साथ जुड़ जाएगा।