फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   assembly procedure is contempt of court, says ajay bhatt.

सरकार ने लोकतंत्र को किया तार-तार, कोर्ट की अवमानना: भट्ट

Fri, 22 Jul 2016 08:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 22 Jul 2016 08:43 AM IST
विज्ञापन
assembly procedure is contempt of court, says ajay bhatt.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट - फोटो : अमरउजाला

सदन में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है प्रदेश सरकार ने 18 मार्च की तरह एक बार फिर से लोकतंत्र व कानून को तार-तार कर दिया है। विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव लंबित था, उसको खारिज करते सरकार ने कोर्ट की अवमानना की है।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बागी विधायकों की अर्जी पर सुनवाई के दौरान कहा है कि जब तक इस मामले का निस्तारण नहीं हो जाता, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला भी लंबित रहेगा।
विज्ञापन


विधानसभा में बृहस्पतिवार पत्रकारों से बातचीत के दौरान अजय भट्ट ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ने नव प्रभात को पीठासीन अधिकारी बनाने की घोषणा कर दी। यह सामान्य परिस्थिति नहीं थी, क्योंकि स्पीकर व डिप्टी स्पीकर दोनों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लंबित है। ऐसे में स्पीकर के रूप में कौन कार्य करेगा, इसका फैसला तो राज्यपाल ही कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्पीकर को कुर्सी पर बैठाना कोर्ट के आदेश का उल्लंघन

assembly procedure is contempt of court, says ajay bhatt.
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल - फोटो : अमरउजाला

उन्होंने कहा कि नव प्रभात ने अपने पक्ष में सत्ता पक्ष के विधायकों के हाथ खड़े करा लिए। इसके बाद स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के खिलाफ लंबित अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू कर दी, जो पूरी तरह से गलत है। इसके बाद स्पीकर को फिर से कुर्सी पर बैठा दिया गया, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। इसके बाद भी मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि उनको सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है।

उन्होंने कहा कि हमने सत्ता पक्ष के गैर लोकतांत्रिक कृत्य का विरोध किया है। हमने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार इसलिए किया, ताकि बाद में सरकार यह न कहने लगे कि भाजपा ने उनका बजट पास नहीं होने दिया। बजट पर तो स्पीकर और मुख्यमंत्री ने कोर्ट में शपथ पत्र दे रखा है कि उनका बजट पास हो चुका है। इस मामले को हम कोर्ट में ले जाएंगे। फिलहाल भाजपा राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर उनसे संविधान और कानून की रक्षा करने की मांग करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed