{"_id":"58a695e04f1c1b5833d87c18","slug":"asp-can-transfer-constables","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड में अब एएसपी करेंगे सिपाहियों के तबादले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड में अब एएसपी करेंगे सिपाहियों के तबादले
राकेश शर्मा / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 17 Feb 2017 11:52 AM IST
विज्ञापन
एमए गणपति
- फोटो : AmarUjala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में सिपाही और हेड कांस्टेबल का स्थानांतरण अब अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) करेंगे। साथ ही, स्पष्ट कारण बताकर सिपाही को लाइन हाजिर भी कर सकेंगे।
विज्ञापन
अधिकांश जिलों में पुलिस कप्तान एएसपी से यह अधिकार छीनकर खुद कमान संभाले हुए थे। पुलिस मुख्यालय ने बृहस्पतिवार को यह आदेश जारी कर पुलिस कप्तानों को झटका दिया है। पीपीएस एसोसिएशन लंबे समय को अधिकारों को संरक्षित करने की लड़ाई लड़ रहा था।
विज्ञापन
राज्य पुलिस स्थापना समिति की 2013 में हुई बैठक में अपर पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने सर्किल के कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल का स्थानांतरण और दंडित करने का अधिकार दिया था। पुलिस कप्तानों ने आदेश के विपरीत अपर पुलिस अधीक्षकों से यह अधिकार छीन लिए थे। एसएसपी स्तर से ही स्थानांतरण आदेश होते थे।
विज्ञापन
कई बार तो स्थिति ऐसी हुई कि अपर पुलिस अधीक्षकों की संस्तुति को भी दरकिनार कर दिया गया। पीपीएस एसोसिएशन काफी समय से इसके लिए संघर्षरत है। एसोसिएशन की अध्यक्ष श्वेता चौबे, एएसपी प्रदीप राय और एएसपी अजय सिंह ने हाल में ही आला अफसरों से मिलकर नियमों का हवाला देते हुए अधिकार वापस कराने की वकालत की थी।
अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन अशोक कुमार ने बृहस्पतिवार को आदेश जारी कर कहा कि एएसपी कांस्टेबल और हैड कांस्टेबल के स्थानांतरण के अधिकार का प्रयोग विभागीय नियमों और रिक्तियों के मुताबिक करेंगे। अधीन कर्मचारियों को स्पष्ट कारण बताकर लाइन हाजिर कर सकेंगे। आदेश में साफ तौर से कहा गया है कि एसएसपी द्वारा एएसपी का यह अधिकार वापस नहीं लिया जा सकेगा।
अपर पुलिस अधीक्षकों को कांस्टेबल और हेड कांस्टेबलों का स्थानांतरण करने का पदेन अधिकार है। उसी अधिकार को संरक्षित करने को पुलिस कप्तानों से कहा गया है। उनका यह अधिकार वापस नहीं लिया जा सकता है।
- एमए गणपति, पुलिस महानिदेशक