महिला दिवस पर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को तोहफा, अब मिलेगा सालाना 17 हजार रुपये मानदेय
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महिला दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने आशाओं, दाईयों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर तोहफों की बौछार की है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आशा कार्यकत्रियों का सालाना पारिश्रमिक पांच से बढ़ाकर 17 हजार रुपये करने, दाईयों का मानदेय पांच सौ से बढ़ाकरएक हजार रुपये महीना करने की घोषणा की। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन और वजन तोलने की मशीन भी वितरित की।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए हैंडवॉश मैनुअल, सांप-सीढ़ी खेल, सुनहरे हजार दिनों के मैनुअल और प्रचार सामग्री (इनफॉरमेशन, एजुकेशन व कम्युनिकेशन) का विमोचन भी किया।
उन्होंने 22 मार्च तक चलने वाले पोषण पखवाड़े का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति में महिलाओं के लिए जो सम्मान का भाव है, आज पूरी दुनिया के देश उसका अनुसरण कर रहे हैं।
महिला अधिकारियों को किया सम्मानित
इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्या, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक गणेश जोशी, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मूरत राम शर्मा, भगत राम कोठारी, झरना कमठान, सुजाता समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए महिला अधिकारियों को सम्मानित भी किया। जिलाधिकारी टिहरी सोनिका को पोषण अभियान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून निवेदिता कुकरेती सखी ई रिक्शा लांचिंग व पोस्को में अपराधों के निवारण में योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया। इसके अल्वा पौष्टिक आहार व बेटी बचाओ अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला स्तरीय अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।
श्रमिकों के मानदेय में 23.7 प्रतिशत वृद्धि
संगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में 23.7 प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी गई है। श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि चार श्रेणियों में अकुशल, कुशल, अर्द्धकुशल और उच्च कुशल श्रमिकों के वेतन को बढ़ाया गया है।
अब श्रमिकों के लिए तय न्यूनतम वेतन 6750 रुपये से बढ़कर 83 सौ रुपये मासिक हो गया है। श्रम मंत्री ने कहा कि पांच दिन पहले हुई बोर्ड मीटिंग में यह निर्णय लिया गया था। अब इसकी अधिसूचना जारी हुई है। प्रदेश में 57 नियोजन हैं, जिनमें अलग अलग श्रेणियों में बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी से श्रमिक वर्ग को बढ़ी राहत मिलेगी।