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Dehradun News: बदला मौसम तो बढ़ने लगी है श्वांस रोगियों की संख्या

Fri, 11 Oct 2024 03:07 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 11 Oct 2024 03:07 AM IST
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As the weather has changed, the number of respiratory patients has started increasing
Iदून अस्पताल की ओपीडी में सौ के करीब श्वांस रोगी रोजाना आ रहे ओपीडी में, 20 प्रतिशत मरीज अस्थमा से प्रभावित
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Iमौसम में बदलते ही श्वांस संबंधी परेशानियां बढ़ने लगी हैं। इसलिए ओपीडी में इस तरह के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। दून अस्पताल के छाती रोग विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने बताया ने बताया कि विभाग की ओपीडी में रोजाना करीब सौ मरीज आते हैं। इनमें से करीब 20 प्रतिशत मरीज दमा संबंधित होते है।I
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Iडॉक्टरों ने बताया कि अस्थमा रोगियों को सीने में जकड़न, दर्द या दबाव रहता है। कुछ मामलों में विशेषकर रात में खांसी होती है। इन्हें सांस लेने में भी कठिनाई महसूस होती है। सांस लेते या छोड़ते समय घरघराहट की आवाज भी आ सकती है। एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। अस्थमा की जांच और उपचार हमारे यहां उपलब्ध हैं। श्वांस के मरीजों को ठंड में बचाव की जरूरत ज्यादा होती है।
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Iअस्थमा के कारण
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Iएलर्जी होने से अस्थमा का खतरा बढ़ सकता है। यदि परिवार में किसी सदस्य को अस्थमा या एलर्जी संबंधी बीमारियों का इतिहास रहा है तो भी व्यक्ति में अस्थमा होने का जोखिम अधिक है। कुछ श्वसन संक्रमण, जैसे कि श्वसन सिंसिटियल वायरस (आरएसवी), छोटे बच्चों के विकासशील फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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Iमहीनों से रखी मशीन, अभी संचालन का इंतजारI
Iदून अस्पताल के छाती रोग विभाग में डीएलसीओ डिफ्युजन लंग कैपेसिटी फॉर कार्बन मोनोऑक्साइड मशीन आई थी। कई महीने बाद भी मशीन की शुरूआत नहीं हो सकी है। इस मशीन से सांस की बीमारी का पता लगाया जाता है। हालांकि अस्पताल में इससे एडवांस मशीन पीएफटी संचालित की जा रही है। इस मशीन से श्वांस की कौन सी बीमारी है इसका पता लगाया जा सकता है।I
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