Uttarakhand Police: प्रदेश में स्थापित होगी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस लैब, प्रस्ताव भेजने के निर्देश
एडीजी कानून व्यवस्था एपी अंशुमान ने प्रदेश में जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग लैब स्थापित करने के लिए एसटीएफ को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।एसटीएफ, साइबर थानों और एएनटीएफ में वर्तमान जनशक्ति को बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग लैब स्थापित की जाएगी। इसके लिए एडीजी कानून व्यवस्था एपी अंशुमान ने एसटीएफ को प्रस्ताव तैयार शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। एडीजी अंशुमान बुधवार को एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने एसटीएफ, साइबर थानों और एएनटीएफ में वर्तमान जनशक्ति को बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। एडीजी ने एसटीएफ अधिकारियों को कहा कि वर्तमान युग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का है। अपराधी लगातार इसका प्रयोग कर अपराध कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस को भी इसके लिए मजबूत बनने की जरुरत है।
ये भी पढ़ें...Republic Day: उत्तराखंड के पांच पुलिस अफसरों को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस पदक, SSP श्वेता चौबे सहित ये नाम
उन्होंने साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस व मशीन लर्निंग लैब स्थापित करने पर जोर दिया। इसके लिए काफी समय से विचार चल रहा था। उन्होंने अपराधियों पर सतर्क दृष्टि रखने और इंटेलीजेंस से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेलों से संचालित गैंग पर पहले काफी काम हुआ है। लेकिन, अब भी इस पर नजर रखने की जरुरत है। इसके लिए जेल अधीक्षकों से समन्वय बनाया जाए।
ये भी दिए निर्देश
-राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल अपराधियों के संबंध में ज्यादा से ज्यादा सूचनाएं इकट्ठा कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
-कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कोर्ट में विचाराधीन मुकदमों के गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
-वन्य जीव अपराधों को रोकने के लिए वन विभाग, स्थानीय पुलिस, स्थानीय अभिसूचना इकाई से समन्वय स्थापित किया जाए।
-नशे पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती बढ़ाई जाए साथ ही इसके लिए जागरुकता कार्यक्रम भी चलाए जाएं।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand Politics: सांकेतिक उपवास पर बैठेंगे पूर्व सीएम हरीश रावत, बोले- सरकार कर रही बड़ा षड़यंत्र
-साइबर संबंधी मुकदमों की विवेचना में उच्च गुणवत्ता बनाने के लिए तकनीक का प्रयोग किया जाए। जिलों के लिए भी एसओपी तैयार करें।
-साइबर अपराधों से संबंधित जिन उपकरणों की आवश्यकता है उनका प्रस्ताव भी तैयार किया जाए।
-सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी जाए।