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आर्मी कैडेट कॉलेज: चीन की मंदारिन भाषा अब भारतीय सेना में पाठ्यक्रम का हिस्सा

Fri, 03 Dec 2021 09:42 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 03 Dec 2021 09:42 PM IST
सार

आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) ने बाकायदा इस सेमेस्टर से इस भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया गया है। 

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Army Cadet College: Chinese Mandarin Language now part of Indian Army curriculum
भारत-चीन सीमा - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

भारत-चीन सीमा पर अक्सर होने वाले सैन्य विवाद अब आसानी से सुलझाए जा सकेंगे। इसके लिए अब चीन की मंदारिन भाषा को भारतीय सेना में पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) ने बाकायदा इस सेमेस्टर से इस भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया गया है। 

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भारत-चीन सीमा पर सीमा विवाद के चलते हर अंतराल बाद भारत व चीन के सैनिकों के बीच संघर्ष (झड़प) होने की खबरें सामने आती हैं। पिछले साल जून में गलवान घाटी में दोनों सेनाओं के बीच हुई हिसंक झड़प में कई सैनिक शहीद भी हुए थे। इसी तरह अरुणाचल से सटे चीन बॉर्डर पर भी दोनों देशों की सेना कई मर्तबा आमने-सामने की स्थिति में आ जाती है।
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वहीं, उत्तराखंड के बाड़ाहोती व आसपास की सीमा में भी चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ की खबरें आती रहती हैं। लिहाजा दोनों देशों के बीच की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारतीय सेना ने अब चीन की मंदारिन भाषा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है।

आर्मी कैडेट काॅलेज में प्रशिक्षण व पढ़ाई कर रहे कैडेटों को इस सेमेस्टर से चीनी (मंदारिन) भाषा सिखाई जा रही है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पर कई छोटे-मोटे गतिरोध आपसी बातचीत से ही मौके पर खत्म किए जा सकते हैं।

वाजिब जवाब दे पाएंगे जवान

यदि सैन्य अफसरों की मंदारिन भाषा पर मजबूत पकड़ होगी तो वे चीनी सैनिकों की बातों को सही से समझने के साथ ही वाजिब जवाब भी दे पाएंगे। वहीं भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक ले. जनरल हरिंदर सिंह का कहना है कि इन बदलाव के बाद सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कैडेट और अधिक दक्ष होंगे।

युद्ध के नए तरीकों से भी कैडेटों को किया जा रहा है पारंगत 
वर्तमान में युद्ध की तकनीक पूरी तरह से बदल चुकी है। दुश्मन देश इसके लिए नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहे है। लिहाजा अब भारतीय सेना भी अपने अफसरों को नई तकनीकों में पारंगत बनाना शुरू कर दिया है।

इसके लिए आर्मी कैडेट कॉलेेज में इनोवेशन लैब स्थापित किया गया है। जिसमें आईआईटी गुवाहटी का सहयोग लिया जा रहा है। आईआईटी की फैकल्टी वक्त-वक्त पर एसीसी में आकर कैडेटों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स समेत उच्च तकनीक में पारंगत बनाने का काम कर रही है।

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