{"_id":"5cb57b95bdec22146325b77d","slug":"april-month-summer-breaks-record-in-uttarakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंडः अप्रैल में ही गर्मी बरपाने लगी कहर, यहां गर्मी ने तोड़ा नौ साल का रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंडः अप्रैल में ही गर्मी बरपाने लगी कहर, यहां गर्मी ने तोड़ा नौ साल का रिकॉर्ड
Tue, 16 Apr 2019 02:45 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी/रुद्रपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी/रुद्रपुर
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 16 Apr 2019 02:45 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अप्रैल में ही गर्मी ने नए रिकॉर्ड बनाने शुरू कर दिए हैं। नौ वर्षों में 15 अप्रैल (सोमवार) सबसे अधिक गर्म रहा। हल्द्वानी और तराई (ऊधमसिंह नगर) का अधिकतम तापमान 39.1 पहुंच गया। उधर, अल्मोड़ा का तापमान सोमवार को भी 32 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
विज्ञापन
सोमवार की सुबह से ही सूर्यदेव की तपिश ने बेहाल कर रखा था। दिन चढ़ने के साथ ही गर्मी और अधिक बढ़ गई। दोपहर में गर्म हवाएं चलने के कारण हाल बेहाल हो गया। तपिश और गर्म हवाएं चलने के कारण दोपहर में सड़क पर सन्नाटा पसरा रहा। बाजार में भी अधिक भीड़ नहीं थी। वहीं, मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 27.5 और न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
विज्ञापन
अधिकतम तापमान सामान्य से पांच और न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। नैनीताल का अधिकतम पारा 25 और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पंतनगर विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि अप्रैल में तापमान 40 और मई में 42 डिग्री तक पहुंच सकता है। डॉ. सिंह के मुताबिक अप्रैल में पड़ रही गर्मी ने पिछले आठ वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
विज्ञापन
वर्षवार 15 अप्रैल का पारा (डिग्री सेल्सियस)
| वर्ष | अधिकतम | न्यूनतम |
| 2011 | 34.8 | 16.8 |
| 2012 | 28.2 | 16.4 |
| 2013 | 36.0 | 16.8 |
| 2014 | 34.5 | 16.5 |
| 2015 | 30.3 | 18.0 |
| 2016 | 38.1 | 17.1 |
| 2017 | 36.8 | 19.4 |
| 2018 | 35.2 | 15.0 |
| 2019 | 39.1 | 17.7 |
सामान्य रहेगा मानसून, अलनीनो का नहीं है असर
मानसून को लेकर आपको निराश होने की जरूरत नहीं है। मानसून पर अलनीनो का असर नहीं होगा और झमाझम बदरा बरसेंगे। उत्तराखंड में भी मानसून सामान्य रहेगा और किसी जिले में सूखे के हालात नहीं है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग ने मानसून को लेकर पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून 96 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में भी मानसून 96 प्रतिशत रहेगा। अलनीनो बहुत कमजोर है और उसका असर मानसून पर पड़ने की संभावना कम है। उत्तराखंड के किसी जिले में सूखा पड़ने की संभावना भी नहीं है। बताया कि अगर देश में मानसून सामान्य रहता है तो प्रदेश में भी स्थिति अनुकूल ही रहती है।
दून में दो डिग्री बढ़े पारे ने छुड़ाया पसीना
राजधानी और आसपास के इलाके के तापमान में सोमवार को हुई दो डिग्री की बढ़ोत्तरी ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए। भीषण गर्मी और उमस के चलते दिन में लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया। जबरदस्त गर्मी के चलते दून का अधिकतम तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया।
सोमवार को राजधानी में वर्ष 2019 का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। दोपहर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया। इससे पहले इस वर्ष का सबसे ज्यादा तापमान 36.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। रविवार को दूनघाटी का तापमान 35 डिग्री तक पहुंचा था। सोमवार को इसमें दो डिग्री का इजाफा हुआ। दोपहर में सूरज ने जबरदस्त आग उगली और तेज गर्मी पड़ने लगी। गर्मी और उमस के चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। विशेषकर स्कूल की छुट्टी के समय गर्मी ज्यादा होने से बच्चों को दिक्कत हुई।
आज मिली गर्मी से राहत
उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश होने से आज लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार बारिश के साथ ही ओले गिरने और आंधी चलने का भी अनुमान है। इससे सोमवार की तुलना में अधिकतम तापमान में करीब सात डिग्री तक की कमी आ सकती है।