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7 नहीं 32 डिग्री पर फलता है अन्ना सेब

Fri, 25 Jul 2014 08:25 AM IST
Updated Fri, 25 Jul 2014 08:25 AM IST
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apple tree in 32 degree temperature

सेब की बागबानी पहाड़ों में बहुत नाजुक मानी जाती है। पारंपरिक तौर इसके लिए 7 डिग्री से कम का तापमान चाहिए। बीच-बीच में बर्फबारी सेब के फूलों के लिए अमृत का काम करती है।

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लेकिन इस्राइल का अन्ना प्रजाति का सेब पहाड़, मैदान कहीं भी उगाया जा सकता है।

गर्मियों में 40 डिग्री तक का तापमान झेलने वाले देहरादून के जोगीवाला निवासी आरपी पंत ने अपने घर में सफलतापूर्वक सेब का पेड़ उगाया है।

अन्ना सेब की खासियत

apple tree in 32 degree temperature

इन दिनों यह पेड़ फलों से लकदक है। राज्य बागवानी मिशन के निदेशक डॉ. बीएस नेगी बताते हैं कि इस्राइल की अन्ना प्रजाति का सेब अधिक तापमान पर भी फल जाता है।

यह स्वाद में खट्टा-मीठा होता है। लोगों में जागरूकता की कमी के चलते इसे बढ़ावा नहीं मिल पाया।

अन्ना सेब की प्रजाति अन्य सेब से जल्दी पककर तैयार हो जाती है। यह जून में पक जाती है। जबकि अन्य सेब जुलाई के अंतिम सप्ताह और अगस्त में पककर तैयार होता है।

फल उच्च तापमान पर भी उगाया जा सकता है। यह प्रजाति तीसरे साल से फल देनी शुरू करती और इससे आठ से दस साल तक फल लिया जा सकता है।

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सेब की खेती हो रही प्रभावित

apple tree in 32 degree temperature

उत्तराखंड में उत्तरकाशी के हर्षिल, नौगांव, टिहरी में धनोल्टी, चमोली में ग्वालदम, जोशीमठ, बागेश्वर में कपकोट, पिथौरागढ़ में धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट, गंगोलीहाट, अल्मोड़ा में चौबटिया, दुनागिरी आदि क्षेत्रों में सेब की खेती होती है।

सेब की अच्छी पैदावार के लिए इन क्षेत्रों में डेढ़ से दो माह तक सात डिग्री तापमान रहना जरूरी है। लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार कम हिमपात और तापमान में बढ़ोतरी से उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

जलवायु परिवर्तन की वजह से स्नो लाइन ऊपर खिसक रही है। ऐसे में प्रयास है कि लेस चिलिंग रिक्वायरमेंट (अपेक्षाकृत अधिक तापमान में उग सकने वाली) सेब की प्रजातियों को बढ़ावा दिया जाए। अन्ना प्रजाति इसमें से एक है। हालांकि इसकी क्वालिटी उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में उगने वाले सेब से थोड़ी कमतर है लेकिन इसे व्यवसायिक रूप में पर्वतीय एवं मैदानी दोनों क्षेत्रों में उगाया जा सकता है। विदेशों से इस प्रजाति की पौध के आयात का प्रस्ताव है।
- डॉ. बीएस नेगी, राज्य बागवानी मिशन के निदेशक

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