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अब कोहरा नहीं लगा पाएगा ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक

Sun, 13 Dec 2015 05:36 PM IST
विजेंद्र श्रीवास्तव / अमर उजाला, हल्द्वानी
विजेंद्र श्रीवास्तव / अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Sun, 13 Dec 2015 05:36 PM IST
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anti fog system in uttarakhand train.

रेलवे ने कोहरे के असर से निपटने की तैयारी कर ली है। पहली बार उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल की ट्रेनों में एंटी फॉग डिवाइस लगाया जाएगा।

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इसमें इंजन में ही लोको पायलेट को सिग्नल के बारे में पता लग जाएगा। इससे गलती होने की गुंजाइश बेहद कम हो जाएगी। साथ ही, स्पीड भी नियंत्रित की जा सकेगी।

कोहरे के कारण हादसा होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में रेलवे स्टेशन के सबसे बाहरी सिग्नल से 275 मीटर की दूरी पर रेलवे ट्रैक पर पटाखों को भी लगाता है, जिसको ‘पटाखा सिग्नल’ कहा जाता है। जब ट्रेन उस पर गुजरती है, तो पटाखे दगते हैं, जिसकी आवाज से ड्राइवर को सही ट्रैक पर होने का पता चलता है।

हजारों रुपए की आतिशबाजी कोहरे में लग जाती है। इसके अलावा ट्रेनों को फिसलन से बचाने के लिए रेत डाली जाती है। अभी तक यह सटीक परंपरागत कारगर तरीके रहे हैं। रेलवे ने अब इन तरीकों के अलावा आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है।

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पहली बार लगेगी एंटी फॉग डिवाइस

anti fog system in uttarakhand train.

काठगोदाम में कुमाऊं दौर पर पहुंचे पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के डीआरएम चंद्रमोहन जिंदल ने बताया कि कुमाऊं से चलने वाली ट्रेनों में पहली बार एंटी फॉग डिवाइस लगाई जाएगी। यह डिवाइस सेंसर पर आधारित होती है।

सिग्नल, क्रासिंग (इनमें भी सेंसर लगा होगा) आने से एक किमी पहले ही लोको पायलेट को इसका पता चल जाएगा। इंजन में डिस्प्ले बोर्ड होगा। इस पर बाकायदा इसके संकेत आने लगेंगे। इससे चालक सतर्क हो जाएगा।

यह सुरक्षा की दृष्टि से तो महत्वपूर्ण होगा। साथ में, अगर लोको पायलेट को सही स्थिति का पता होगा तो वह निश्चित होकर बेहतर गति के साथ ट्रेनों का संचालन कर सकेगा। इस डिवाइस को लगाने की करीब सभी औपचारिकता पूरी हो चुकी है। जल्द ही कंपनी इसको लगाने का काम शुरू करेगी। लक्ष्य है कि दिसंबर के अंदर यह काम पूरा कर लिया जाएगा।

यह ट्रेनें चलती है
काठगोदाम से नियमित चलते वाली सबसे लंबी दूरी की गाड़ी बाघ एक्सप्रेस है। इसके अलावा मुख्य रूप से रानीखेत एक्सप्रेस, साप्ताहिक गरीब रथ, लालकुआं-हावड़ा एक्सप्रेस, रामनगर-ब्रांदा लंबी दूरी की ट्रेन, रामनगर-आगरा ट्रेन संचालित होती हैं। इसके अलावा काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस (तीन दिन), संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (दिल्ली को नियमित) और शताब्दी ट्रेन का संचालन होता है।

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