FRI कैंपस में पिंजरे में फंसा गुलदार
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राजधानी देहरादून स्थित एफआरआई कैंपस में शुक्रवार की सुबह गुलदार वन विभाग द्वारा लगाए पिंजरे में फंस गया। यह पिंजरा गुरुवार को कैंपस में एक और गुलदार देखे जाने के बाद गेट नं. नौ के पास लगाया गया था।
इससे पहले आदमखोर के मारे जाने के दो दिन बाद गुरुवार को एफआरआई में एक और गुलदार देखा गया था। बाजावाला की ओर जाने वाले रास्ते पर घूम रहा यह गुलदार लोगों के शोर मचाने पर जंगल में भाग निकला।
प्रत्यक्षदर्शी संजीव नेगी ने बताया कि गुलदार गेट नंबर नौ के साथ लगी दीवार के पास था। यह जानकारी मिलते ही संस्थान प्रबंधन ने एक बार फिर परिसर में रह रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने का निर्देश दिया है।
अंधेरे में किसी हाल में बाहर न निकलने के लिए कहा जा रहा है। उधर, दूसरे गुलदार की धमक से संस्थान परिसर में रह रहे लोगों में दहशत का माहौल है।
रास्ते से जाते हैं बच्चे, महिलाएं
एफआरआई परिसर में बने नौ नंबर गेट के पास ही एक छोटा गेट लगाया गया है। यह रास्ता घने जंगल से निकलता है, लेकिन बाजावाला, मसंदावाला, फुलसनी आदि गांवों को जोड़ने के लिए इसे शार्टकट माना जाता है।
स्कूली बच्चे, महिलाएं अकसर इसी रास्ते से जाते हैं। ऐसे में यहां गुलदार का देखा जाना खतरनाक माना जा रहा है। एहतियातन संस्थान प्रबंधन ने गेट के पास नाली खोद दी है, ताकि लोग इस रास्ते का कम इस्तेमाल करें।
कहीं मादा गुलदार का साथी तो नहीं?
शनिवार को वन अनुसंधान संस्थान परिसर में मारी गई समीक्षा राणा पर हुए हमले में दो गुलदारों के शामिल होने की आशंका शिकारियों ने जताई थी।
हालांकि, इसकी अब तक पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन हमला करने वाली मादा गुलदार के मारे जाने के बाद घटनास्थल के पास ही दूसरे गुलदार को देखे जाने के बाद यह आशंका बनी हुई है कि कहीं यह समीक्षा पर हमले में शामिल रहा दूसरा गुलदार तो नहीं?
डाकरा में लगा नया पिंजरा
गुलदार देखे जाने की शिकायतों के बाद वन विभाग ने मालसी रेंज के गढ़ी-डाकरा गांव में नया पिंजरा लगा दिया है। कुछ पिंजरों की जगह भी बदली गई है। कई जगह नए स्थानों पर कैमरे भी लगाए गए हैं। रेंज अधिकारी गंभीर सिंह ने यह पुष्टि की। बताया कि संवेदनशील इलाकों में विभाग कर्मी लगातार गश्त भी कर रहे हैं।