फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Ankita Bhandari murder case: SIT clarifies that no VIP's name has come up in the investigation

अंकिता भंडारी हत्याकांड: एसआईटी ने किया साफ- जांच में किसी वीआईपी का नहीं आया नाम, बताए पड़ताल से जुड़े तथ्य

Sun, 04 Jan 2026 12:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 04 Jan 2026 12:44 AM IST
सार

हत्याकांड के बाद गठित की गई एसआईटी के सदस्य रहे एसपी देहात हरिद्वार शेखर सुयाल ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में जांच के तथ्य बताए हैं।

विज्ञापन
Ankita Bhandari murder case: SIT clarifies that no VIP's name has come up in the investigation
अंकित भंडारी हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में एसआईटी ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि अभी तक जांच में किसी वीआईपी का नाम सामने नहीं आया है। हत्याकांड के बाद गठित की गई एसआईटी के सदस्य रहे एसपी देहात हरिद्वार शेखर सुयाल ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में जांच के तथ्य बताए हैं। उन्होंने कहा कि उस वक्त एक कथित वीआईपी की पहचान हुई जरूर थी लेकिन उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले थे।

विज्ञापन


सुयाल ने बताया कि हत्याकांड के तत्काल बाद ही यह बात कही जा रही थी कि रिजॉर्ट में किसी वीआईपी को आना था। उसे स्पेशल सेवाएं देने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। अंकिता ने इस बात के लिए इन्कार कर दिया तो उसकी हत्या कर दी गई। उस वक्त तक एक ब्लाइंड केस था। मामले की शुरुआत गुमशुदगी से हुई थी। हालांकि, जब एसआईटी ने इसकी जांच शुरू की तो शुरुआती पांच घंटों में ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन


वीआईपी का जिक्र अंकिता और उसके मित्र की चैट में भी किया गया था। लिहाजा इसकी गहनता से जांच की गई। अंकिता के मित्र पुष्प के बयान भी दर्ज किए गए। रिजॉर्ट के स्टाफ, अंकिता के दोस्त और अन्य कागजी प्रमाणों को आधार बनाया। इसमें एक स्केच तैयार कराया गया। इसकी पहचान नोएडा निवासी धर्मेंद्र उर्फ प्रधान के रूप में हुई है। अंकिता का दोस्त जो घटना से पहले रिजॉर्ट में आया था उसने उसे पहचान लिया। एसआईटी ने धर्मेंद्र को भी जांच में शामिल किया। धर्मेंद्र की रिजॉर्ट में आवाजाही और उससे जुड़े हर पहलू को जांचा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें उसके खिलाफ कोई भी सबूत नहीं मिले। वह यहां पर जमीन खरीदने के सिलसिले में आया था। उसका स्थानीय निवासी एक साथी उसे खाना खिलाने के लिए रिजॉर्ट में लेकर गया था। इसके अलावा एसआईटी को किसी भी वीआईपी के आने के प्रमाण नहीं मिले हैं। सुयाल ने यह भी स्पष्ट किया कि सजा काट रहे तीनों दोषियों ने अंकिता पर एक्स्ट्रा सर्विस देने का दबाव बनाने वाली बात कबूली है।


एसआईटी उर्मिला सनावर के आरोपों की भी कर रही जांच
एक्ट्रेस उर्मिला सनावर की ओर से फेसबुक लाइव व ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ सहित अन्य लोगों पर लगाए गए आरोपों एवं अंकिता भंडारी प्रकरण से संबंधित कथनों को गंभीरता से लेते हुए अलग से एसआईटी का गठन किया गया है। इसके हर पहलू को जांचा जा रहा है। उर्मिला को नोटिस जारी कर हाजिर होने और अपने बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है। उसने ऑनलाइन आकर पुलिस सुरक्षा भी मांगी है लेकिन उसका कोई भी पता स्पष्ट नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed