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तेंदुए का गुस्सा, पर्यटन मंत्री बनी शिकार!
अमर उजाला, पौड़ी
Updated Tue, 03 Sep 2013 12:05 AM IST
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पौड़ी जनपद के एकेश्वर ब्लाक के पंचुर गांव में तेंदुए द्वारा महिला को निवाला बनाए जाने की घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने पौड़ी की प्रभारी मंत्री अमृता रावत और जिलाधिकारी चंद्रेश यादव को घेरकर खूब खरी खोटी सुनाई।
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गुस्साए ग्रामीणों ने महिला को निवाला बनाने वाले तेंदुए को मारने हेतु कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही वन विभाग पर क्षेत्र में हो रही घटनाओं को गंभीरता से न लेने का आरोप भी ग्रामीणों ने लगाया है।
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पर्यटन मंत्री को घेरा
पंचुर गांव में रविवार की रात को हुई घटना से आक्रोशित एकेश्वर ब्लाक के पंचुर, मनकोट, मुंसासू, भंडाली समेत कई गांवों के जन प्रतिनिधि व महिलाएं सोमवार को दिन में एक बजे पौड़ी पहुंचे।
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ग्रामीणों ने विकास भवन में जिला योजना की बैठक ले रही पर्यटन मंत्री व जिले की प्रभारी मंत्री अमृता रावत एवं जिलाधिकारी चंद्रेश कुमार यादव को घेर लिया और बैठक में ही हंगामा करने लगे।
वन विभाग नहीं गंभीर
एकेश्वर ब्लाक के ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद डंडरियाल, सत्यपाल रावत, रामलाल आदि लोगों ने कहा कि वन विभाग क्षेत्र में हो रही घटनाओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि ब्लाक में इस साल अभी तक तेंदुए पांच लोगों को निवाला बना चुका है।
कहा कि वन विभाग द्वारा लोगों को निवाला बना रहे तेंदुए को मारने के लिए तत्परता से कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस मौके पर ग्रामीणों ने शासन प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की।
नरभक्षी घोषित करने के आदेश
लोगों के आक्रोश को देखते हुए प्रभारी मंत्री अमृता रावत ने वन विभाग के अधिकारियों को तेंदुए को नरभक्षी घोषित करने के आदेश दे दिए हैं। साथ ही पर्यटन मंत्री ने शीघ्र समस्या के निदान का आश्वासन भी लोगों को दिया है।
पर्यटन मंत्री से मिले आश्वासन के बाद भी ग्रामीण शांत नहीं हुए। इसके बाद ग्रामीणों ने गढ़वाल वन प्रभाग कार्यालय में पहुंचकर प्रभागीय वनाधिकारी राजमणि पांडे का भी घेराव किया।
डीएफओ द्वारा मौके पर ही मोबाइल से शिकारी दल को तेंदुए को मारने के निर्देश दिए जाने पर कहीं जाकर लोग माने। इस मौके पर कवींद्र इष्टवाल, शांता देवी, देवेश्वरी, प्रेम पांडे, मोहन सिंह समेत कई क्षेत्रवासी शामिल थे।
घटना से दहशत में हैं क्षेत्रवासी
पंचुर गांव में रविवार रात को हुई घटना से क्षेत्र के लोग दशहत में हैं। ग्रामीण बताते हैं कि रविवार रात की घटना के बाद क्षेत्र के लोग दिन में भी अकेले जाने से कतरा रहे हैं।