उत्तराखंड चुनाव: पहाड़ से मैदान तक भाजपा में भड़की चिंगारी
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भाजपा की प्रत्याशी सूची के विरोध में पहाड़ से लेकर मैदान तक असंतोष की चिंगारी भड़क गई है। बाहरियों का भाजपा में बढ़ते कुनबे से नाराज कई पुराने दिग्गज कोपभवन में चले गए हैं। बाहरियों के लिए टिकट आवंटन के अलग मानक बनाने से गुस्साए दो दर्जन पुराने नेता अपना गुस्सा पार्टी प्लेटफार्म से लेकर स्थानीय स्तर पर निकाल रहे हैं।
टिकट कटने से नाराज दावेदारों ने निर्दलीय, पार्टी छोड़ने या फिर केंद्रीय नेतृत्व को अल्टीमेटम भेज दिया है। चार भाजपा पूर्व विधायकों के कांग्रेस से संपर्क होने की बात सामने आई है। लगभग आधा दर्जन ऐसे हैं, जो निर्दलीय उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
बाहरियों को टिकट, पार्टी वालों की पूछ नहीं
नाराज भाजपाइयों को गुस्सा इस बात का है कि यशपाल आर्य जैसे बाहरियों के पार्टी ज्वाइन करते ही बेटे सहित टिकट दिया जा रहा है, जबकि पार्टी में कई साल से बने रहने के बाद उनका टिकट तक काटा जा रहा है।
तीनों पूर्व सीएम खंडूड़ी, निशंक और कोश्यारी के मुकाबले भाजपा में आए कांग्रेस के पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के मन की सुनी गई। केंद्रीय नेतृत्व की इस रणनीति से राजनीतिक विश्लेषक भी हैरान हैं कि पार्टी का यह दांव कहीं चुनाव में उलटा न पड़ जाए। प्रदेश संगठन में बढ़ते आक्रोश से अब डैमेज कंट्रोल की राह भी आसान नहीं दिख रही।
प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट भी उपेक्षा से नाराज
बाहरियों के आने से जहां पूर्व अध्यक्ष तीरथ रावत टिकट कटने से नाराज हैं तो वहीं प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट बागियों को शामिल करने में सहमति नहीं लेने से नाराज बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व ने टिकट आवंटन में भी भट्ट को कोई तरजीह नहीं दी। बताया जा रहा है कि बागियों के कुछ टिकट रोकने के पक्ष में अजय भट्ट भी थे, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई।
भट्ट को यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य के शामिल होने के संबंध में नहीं पूछा गया। उधर, तीरथ सिंह रावत को भले नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की बात हो रही है, लेकिन उनका टिकट काट कर बाहरी सतपाल महाराज को देने की नाराजगी कम नहीं हो रही।
डैमेज कंट्रोल की दोहरी चुनौती
पार्टी सूत्रों के मुताबिक बाहरियों और बागियों से नाराजगी को थामने के लिए डैमेज कंट्रोल सेल सक्रिय कर दिए हैं, लेकिन इस बार चुनौती दोहरी है।
टिकट कटने से गुस्साए कुछ लोग तो निर्दलीय या कांग्रेस तक ज्वाइन कर भाजपा को हराने के लिए तैयार हो चुके हैं, जिनको मनाने में सांसदों और प्रदेश पदाधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। दूसरा खेमा स्वयं सेवक संघ की पृष्ठभूमि और पुराने नेताओं का है, जिनका टिकट काटने के बाद भी पार्टी से जुड़े रहने का इरादा है। यह खेमा अधिक खतरनाक है, चूंकि ऐेसे पुराने नेता बाहरियों को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
यहां है स्थिति चिंताजनक
कोटद्वार - शैलेंद्र रावत समर्थकों ने हरक सिंह रावत को टिकट देने का जताया विरोध, निर्दलीय
देवप्रयाग - पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट समर्थकों का केंद्रीय नेतृत्व को 20 तक पुनर्विचार का अल्टीमेटम
कपकोट - बलबंत भौरियाल को टिकट देने पर भूपेश उपाध्याय का निर्दलीय लड़ने का ऐलान
यमनोत्री - दावेदार मनवीर चौहान समर्थकों ने दून पार्टी कार्यालय पर प्रदर्शन किया
रुड़की - बागी प्रदीप बत्रा को टिकट देने पर सुरेश जैन निर्दलीय उतरने को तैयार
चौबट्टाखाल - तीरथ सिंह के पक्ष में राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजे गए पत्र, कविंद्र ईष्टवाल लड़ेंगे निर्दलीय
केदारनाथ - शैलारानी रावत के खिलाफ अजेंद्र अजेय के पक्ष में गए पत्र, पूर्व विधायक आशा नौटियाल ने किया विरोध
थराली - भाजपा नेता बलबीर घुनियाल ने निर्दलीय लड़ने का ऐलान किया
रुद्रप्रयाग - पूर्व मंत्री मातबर सिंह कंडारी ने भरत चौधरी को टिकट देने का जताया विरोध
कर्णप्रयाग - सुरेंद्र सिंह नेगी के विरोध में उतरे पूर्व विधायक अनिल नौटियाल समर्थक
धनौल्टी - नारायण सिंह राणा को टिकट देने के विरोध में विधायक महावीर रांगड़ समर्थक
रानीखेत - वरिष्ठ नेता प्रमोद नैनवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के ऐलान किया
नरेंद्र नगर - ओमगोपाल टिकट न मिलने से निर्दलीय लड़ने की तैयारी में
यमकेश्वर - ऋतु भूषण खंडूड़ी के विरोध में विधायक विजय बड़थ्वाल समर्थक भड़के
राजपुर - खजान दास के खिलाफ अन्य दावेदारों ने पार्टी कार्यालय पर किया प्रदर्शन
डोईवाला - त्रिवेंद्र रावत के खिलाफ स्थानीय नेता हुए मुखर
ऋषिकेश - दावेदार संदीप गुप्ता ने पार्टी छोड़कर निर्दलीय उतरने की घोषणा की
पौड़ी - टिकट कटने से नाराज पूर्व विधायक बृजमोहन का निर्दलीय लड़ने का ऐलान
धारचूला - में जिलाध्यक्ष जगत मर्तोलिया ने किया विरोध का झंड़ा बुलंद