अब सेल्फी से दर्ज होगी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की उपस्थिति, इसके बाद ही मिलेगा मानदेय
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी
- पोषण अभियान के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मिले मोबाइल
- आंगनबाड़ी केंद्र से बंक नहीं मार सकेंगी कार्यकर्ता
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उत्तराखंड में अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अब ड्यूटी के दौरान गायब नहीं हो सकेंगे। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हाजिरी की नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रत्येक दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को केंद्र खोलते समय अपनी सेल्फी खींच कर भेजनी होगी। इसके आधार पर ही उनकी उपस्थिति दर्ज होगी। मासिक मानदेय भी तभी मिलेगा, जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फोटो भेजेंगी।
केंद्र सरकार के पोषण अभियान के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मोबाइल दिया गया है। इसके माध्यम से ये कार्यकर्ता महिला एवं विकास विभाग के व्हाट्सअप ग्रुप से जुड़े हैं। कई बार विभाग को शिकायत मिलती है कि आंगनबाड़ी केंद्र समय से नहीं खुलते हैं।
यहां तक की कार्यकर्ता के न आने पर केंद्रों पर ताला ही लटका रहता है। इसे देखते हुए विभाग उपस्थिति के लिए नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत उपस्थिति के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केंद्र पर आने वाले बच्चों के साथ सेल्फी लेकर भेजनी होगी।
इस सेल्फी के आधार पर उसकी उपस्थिति दर्ज होगी। इसी के आधार पर मानदेय दिया जाएगा। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में जहां कनेक्टिविटी की समस्या है। उन क्षेत्रों के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हाजिरी के लिए नई व्यवस्था में छूट दी जा सकती है।
विभागीय स्तर पर प्रतिदिन व्हाट्सअप से जिले वार आंगनबाड़ी केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। बता दें कि हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, चमोली व उत्तरकाशी जिलों के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल संचालित करने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जबकि अन्य जिलों में प्रशिक्षण की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेेश में 20 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत हैं।
पोषण अभियान को सफल बनाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों में सुधार करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रत्येक दिन प्रदेश में कितने आंगनबाड़ी केंद्र खुल रहे हैं। इसकी भी मानीटरिंग की जा रही है। अब कार्यकर्ताओं को मानदेय तभी मिलेगा। जब वे हर रोज केंद्र पर पहुंच कर अपनी सेल्फी भेजेंगे।
- सौजन्या, सचिव, महिला एवं बाल विकास