बीते मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का फैसला न आने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं जबरदस्त आक्रोश है। गुस्साए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई और 20 अक्तूबर को कार्य बहिष्कार करने के साथ अन्य विभागों में भी काम नहीं करने का निर्णय लिया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री, सेविका, मिनी कर्मचारी संगठन के बैनर तले जैन धर्मशाला में बैठक कर कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की रणनीति बनाई। प्रदेश के अन्य जिलों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ आक्रोश रैली निकाल प्रदर्शन किया। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक सरकार की ओर से हमारा मानदेय नहीं बढ़ाया जाता है और कटा हुआ मानदेय वापस नहीं दिया जाता तब तक हम अपना कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे। जिलाध्यक्ष सुधा शर्मा ने कहा कि विभागीय मंत्री रेखा आर्य की ओर से हमें आश्वासन दिया गया था कि कैबिनेट बैठक में मानदेय बढ़ाने वाले प्रस्ताव को पास किया जाएगा। ऐसा न होने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। प्रदेश मंत्री राखी गुप्ता ने कहा कि सरकार हमारी मांगों को अनदेखा करने का काम कर रही है और चुनावी साल में जुमलेबाजी कर मुद्दे से भटकाना चाहती है। जिला संयोजिका मधु पंडीर ने मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। आंदोलन की रणनीति बृहस्पतिवार को बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। बैठक में संगीता देवी, सुशीला खत्री समेत कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।