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CM ने की घोषणा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री बनेंगी नर्सरी टीचर्स
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 26 Jul 2015 02:53 PM IST
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को शिक्षा विभाग में भविष्य में नर्सरी एवं केजी टीचर्स के पदों पर समायोजित करने की घोषणा की है।
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वहीं उन्हें सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत ईपीएफ पेंशन एवं बीमा योजनाओं का भी लाभ दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मुख्यमंत्री से मिलीं। सीएम ने उनकी समस्याओं को सुना और उनके लिए कई घोषणाएं कीं।
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शिक्षा मंत्री के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। योग्य एवं प्रशिक्षित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को इसमें स्थान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय आंगनबाड़ी केंद्रों में ही संचालित हों, इस पर भी विचार किया जाएगा।
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आंगनबाड़ी कर्मचारी महापंचायत की प्रांतीय अध्यक्ष उमा रानी ने कहा कि सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के दो बार मानदेय बढ़ाने पर 16 अगस्त को दून में सम्मेलन आयोजित कर मुख्यमंत्री का आभार जताया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से आम जन तक पहुंचाया जाएगा।
सीएम की घोषणा पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नर्सरी एवं केजी टीचर्स के पदों पर शिक्षा विभाग में समायोजित किए जाने की घोषणा तो की है। सवाल यह है कि शिक्षा विभाग के किसी भी विद्यालय में नर्सरी और केजी में पद ही नहीं हैं।
सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से कक्षाएं शुरू होती हैं। जब नर्सरी और केजी होता ही नहीं तो इसमें कार्यकत्रियों को समायोजित कैसे किया जाएगा? कार्यकत्रियों भी इस घोषणा से हैरान हैं। शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी से भी इस बारे में बात करने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार उनका फोन स्विच ऑफ मिला।
प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्र कई सरकारी स्कूलों में संचालित हो रहे हैं। अन्य केंद्रों को भी यहीं से संचालित किए जाने का मामले की बात सामने आई थी, लेकिन कक्षाएं नर्सरी और केजी से शुरू होंगी, ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है।
- सीमा जौनसारी शिक्षा निदेशक