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उत्तराखंड के आठ लाख स्कूली बच्चों में एनीमिया
अरूणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 10 Jul 2014 05:15 PM IST
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नेशनल हेल्थ सर्वे में उत्तराखंड में लगभग साढ़े आठ लाख स्कूली छात्रों में एनीमिया की शिकायत पाई गई है। बच्चों में एनीमिया दूर करने के लिए मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने आयरन फोलिक एसिड की गोलियां बांटने के आदेश दिए हैं। सर्वे के नतीजों पर बुधवार को मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अघ्यक्षता में यह फैसला लिया गया।
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स्कूल में आएफए गोलियां देने के निर्देश
बैठक में सुभाष कुमार ने बताया गया कि आईएफए वितरण से एनीमिया की शिकायत को दूर किया जा सकता है। यह कार्यक्रम समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) और शिक्षा विभाग के आपसी सहयोग से चलेगी।
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बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन दिया जाता है, वहां आइएफए की गोलियां भी खाना खाने के बाद साथ में दी जायें।
जहां मध्यान्ह भोजन नहीं दिया जाता है, उन विद्यालयों में पहले पीरियड में वितरण किया जायेगा। बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओमप्रकाश, अपर सचिव शिक्षा डा एमसी जोशी, अपर सचिव निधि पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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एनआरएचएम में चल रही एक योजना
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छोटे बच्चों को आयरन की कमी को दूर करने के लिए पहले से साप्ताहिक आयरन और फोलिक एसिड (डब्ल्यूआईएफएस) प्रोग्राम शुरू किया गया है।
पांच से कम उम्र के बच्चों को आयरन की दवा पिलाई जाएगी जबकि उससे अधिक उम्र के बच्चों को के लिए आयरन की छोटी गोली दी जाएगी।
मिशन के तहत 1.7 करोड़ रुपये केंद्र ने स्वीकृत किये हैं। योजना को संचालित करने के लिए आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम की मदद से चलाया जाएगा।