अमर उजाला संवाद: एक्सपर्ट ने दिए टिप्स, स्टार्टअप शुरू करना है तो इनोवेटिव और क्रिएटिव बनिए

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 04 Sep 2019 09:37 AM IST
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संवाद के दौरान उपस्थित एक्सपर्ट और छात्र
संवाद के दौरान उपस्थित एक्सपर्ट और छात्र - फोटो : अमर उजाला

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अगर आपको स्टार्ट अप शुरू करना है तो इनोवेटिव और क्रिएटिव बनना होगा। स्टार्ट अप में आइडिया बिकता है। अगर आपका आइडिया अच्छा है और आपने उसे अच्छे से धरातल पर उतार दिया, तो सफलता तय है। सरकार भी इसमें हर कदम पर साथ देने को तैयार है। ये टिप्स मंगलवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में एक्सपर्ट ने छात्र-छात्राओं को दिए। 
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उप निदेशक उद्योग विभाग राजेंद्र कुमार ने स्टार्ट अप सरकार की नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कुछ अलग करने का जज्बा रखने वालों के लिए काफी अवसर हैं। स्टार्ट अप यात्रा के तहत 16 जगहों पर कैंप लगाए जा रहे हैं। सितंबर में डीआईटी और तुलाज कॉलेज में कैंप लगेंगे। स्टार्ट अप में इंटरनेट भी अहम भूमिका निभाता है। मोबाइल एप और वेबसाइट के जरिये अपने स्टार्ट अप की रफ्तार को तेजी से बढ़ाया जा सकता है। हालांकि शुरुआत में स्टार्ट अप ऑफलाइन भी शुरू किया जा सकता है। स्टार्ट अप में एंजिल इन्वेस्टर और वेंचर कैपिटल की अहम भूमिका है। इसके जरिये स्टार्ट अप बगैर किसी बाधा के सफलता की ओर बढ़ता है। संवाद में फैजी अलीम, अवनीश चंद्र, नितिन चंदोला, रविकांत, आदित्य राणा, गुरप्रीत कौर, गौरव गौड़, नितेश कोठियाल, सूरज सिंह, कुशलव रांगड़, ठाकुर हर्षित, वंशज अग्रवाल आदि मौजूद रहे। 
पहाड़ पर खुलेंगे इन्क्यूवेशन सेंटर 
स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार पहाड़ी जिलों में भी इन्क्यूवेशन सेंटर खोलेगी। मौजूदा समय सरकार का फोकस मैदानी जिलों पर अधिक है। उप निदेशक उद्योग विभाग राजेंद्र कुमार ने कहा कि अगर सरकार पहाड़ के जिलों को गोद लेकर आइडिया ले तो भविष्य में बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। 

कॉलेजों में भी शुरू होंगे कार्यक्रम 
इंटरप्रेन्योरशिप को लेकर स्कूल और कॉलेजों में जल्द कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिससे क्रिएटिव बच्चों का पहले से ही माइंडसेट हो सके कि उन्हें स्टार्ट अप करना है। स्टार्टअप में स्वीडन, इजराइल और अमेरिका पहले तीन स्थानों पर है। इजराइल में तो एग्रीकल्चर और डिफेंस में काफी स्टार्ट अप हुए हैं और लगातार हो रहे हैं। 

प्रदेश में 2020 तक होंगे 200 स्टार्ट अप 
प्रदेश में मौजूदा समय में 35 स्टार्ट अप हैं। सरकार ने वर्ष 2020 तक 200 स्टार्ट अप का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में जितने भी स्टार्ट अप हैं, उसे करने वालों की उम्र 30 से भी कम है। 

स्टार्ट अप पोर्टल के जरिये करें आवेदन
उत्तराखंड में स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। स्टार्ट अप के लिए इसके जरिये आवेदन किया जा सकता है। सरकार ने अभी तक सात कंपनियों को स्टार्ट अप के रूप में मान्यता दी है। जिन्हें सरकार की ओर से मशीनरी खरीदने, मार्केटिंग के लिए वित्तीय प्रोत्साहन देने के साथ एमएसएमई में दी जाने वाली सभी सुविधा दी गई है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार की अध्यक्षता में गठित राज्य स्टार्ट अप काउंसिल के माध्यम से आवेदनों की जांच करने के बाद मान्यता देगी। प्रदेश सरकार ने स्टार्ट अप नीति में कृषि, स्वास्थ्य, जैव प्रौद्योगिकी, शिक्षा, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, आयुर्वेद, फार्मास्युटिकल सेक्टर को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में ही स्टार्ट अप के लिए प्रोजेक्ट तैयार करने वाली कंपनियों को सरकार इन्क्यूबेटर के रूप में प्रोत्साहन देगी। स्टार्ट अप को लेकर अगर आपके मन में कोई शंका या सवाल है तो आप टोल फ्री नंबर 18002748901 पर कॉल कर उसे दूर कर सकते हैं। 
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