Amar Ujala Samvad: अनुभव से जोश भरेंगी देश की पहली पदक विजेता पैरालंपिक खिलाड़ी डॉ. दीपा, दून में होगा संवाद
Amar Ujala Samvad 2024: डॉ. दीपा मलिक ने साल 2009 में शॉटपुट में अपना पहला पदक (कांस्य) जीता था। जबकि, ठीक एक साल बाद उन्होंने ऐसा कमाल किया कि इंग्लैंड में शॉटपुट, डिस्कस थ्रो और जैवलिन तीनों में स्वर्ण पदक जीत देश को गौरवान्वित किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दो दिन बाद राजधानी दून में आयोजित होने वाले अमर उजाला के वैचारिक संगम संवाद कार्यक्रम में देश की पहली पदक विजेता पैरालंपिक खिलाड़ी डॉ. दीपा मलिक अपने अनुभवों से जोश भरेंगी। चार अगस्त को होने वाले कार्यक्रम में डॉ. दीपा मलिक पैरालंपिक खेलों की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगी।
डॉ. दीपा मलिक ने साल 2009 में शॉटपुट में अपना पहला पदक (कांस्य) जीता था। जबकि, ठीक एक साल बाद उन्होंने ऐसा कमाल किया कि इंग्लैंड में शॉटपुट, डिस्कस थ्रो और जैवलिन तीनों में स्वर्ण पदक जीत देश को गौरवान्वित किया। डॉ. दीपा अपनी दिव्यांगता श्रेणी (एफ-53) में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वालीं पहली भारतीय महिला हैं।
डॉ. दीपा को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं, जिनमें 2012 में अर्जुन पुरस्कार, साल 2017 में खेल के लिए पद्मश्री और साल 2019 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार शामिल हैं। इतना ही नहीं साल 2008-09 में उन्होंने यमुना नदी में तैराकी और स्पेशल बाइक सवारी में भाग लेकर दो बार लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।
Amar Ujala Samvad: हो जाएं तैयार...दून आएंगी खेल और फिल्म जगत की हस्तियां, राजनीति के दिग्गज; यहां करें संपर्क
खुद से लड़कर देश के लिए जीतना सिखाते हैं पैरा खेल
पैरा खेल हर दिव्यांग खिलाड़ी को खुद से लड़कर देश के लिए जीतने का जोश भरते हैं। जब बात पैरा एथलीट और खिलाड़ियों की होती है तो बात सिर्फ चुनौतियों की नहीं होती। यह ऐसी लड़ाई है, जिसे हर पैरा खिलाड़ी अपने हौसलों से ऊपर उठकर अपनी कड़ी मेहनत के दम पर पहले खुद से जीत कर फिर देश के लिए जीतता है। पैरालंपिक खेलों की बात करें तो यह ओलंपिक खेलों की तर्ज पर हर चार साल में एक बार आयोजित होने वाले पैरालंपिक खेलों की दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनाें में से एक है।