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अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान 2020: मेडल पाकर खिल उठे 10वीं और 12वीं के मेधावियों के चेहरे

Fri, 25 Sep 2020 09:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 25 Sep 2020 09:49 PM IST
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amar ujala medhavi chhatra samman 2020 :  dm honored uttarakhand board topper students
अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान - फोटो : अमर उजाला

अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान में जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने जिले के होनहारों को सम्मानित किया। कोरोना के चलते जिलाधिकारी कार्यालय में संक्षिप्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुरस्कार स्वरूप सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र, स्मृति चिन्ह, मेडल और आकर्षक गिफ्ट प्रदान किए गए।

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शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय में उत्तराखंड बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के टॉप तीन-तीन छात्रों को सम्मानित किया गया। सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोविड-19 के सभी सुरक्षा नियमों के पालन के साथ कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने सभी छात्र-छात्राओं को पूरी ईमानदारी के साथ मेहनत करने और लक्ष्य पर फोकस रखते हुए आगे बढ़ने सलाह दी।
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उन्होंने कहा कि ये सफलता की ओर महज पहला कदम है, अभी मंजिल बहुत दूर है। जिलाधिकारी ने कहा कि जैसे-जैसे आप आगे बढ़ेंगे, प्रतियोगिता भी बढ़ती जाएगी। इसलिए इस सफलता के बाद उस मानक को बनाए रखने के लिए दोगुनी मेहनत करने की जरूरत होगी।
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उन्होंने अभिभावकों से बच्चों पर अनावश्यक दबाव ना डालने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में एक विशेष गुण होता है। मां-बाप को चाहिए कि बच्चों की दूसरों से तुलना ना करें। जो बच्चे जिले की मेरिट में शामिल हुए हैं, उन्होंने अपनी सफलता से मां-बाप का सिर गर्व से ऊंचा किया है। आने वाले वक्त में वे अधिक फोकस होकर मेहनत करें ताकि अपने और माता-पिता के सपनों को पूरा कर सकें।

इन मेधावियों को मिला सम्मान

राहुल यादव 
एसवीआईएमसी आवास विकास ऋषिकेश के छात्र राहुल यादव ने उत्तराखंड बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने कुल 95 फीसदी (475/500) अंक हासिल किए। राहुल ने बताया कि वे भविष्य में सांख्यिकी अधिकारी बनना चाहते हैं। इसके लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्टैटिक्स ऑनर्स करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट में उन्होंने घर पर रोजाना छह से सात घंटे की पढ़ाई की। स्कूल में जो भी पढ़ाया जाता, वो रोजाना उसे घर आकर रिवाइज जरूर करते थे।
संदेश: अपने को किसी से कम ना समझें। अपनी क्षमता और योग्यता पर भरोसा रखकर मेहनत करें।

सृष्टि रयाल 
उत्तराखंड बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान विवेकानंद एकेडमी खदरी देहरादून की सृष्टि रयाल को मिला। सृष्टि ने 500 में से 471 (94.2 प्रतिशत) अंक हासिल किए। उन्होंने कहा कि वह मेडिकल में करियर बनाना चाहती हैं, इसलिए इन दिनों नीट की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट में वह रोजाना हर सब्जेक्ट को कम से कम एक घंटे का समय देती थीं। स्कूल में ध्यान से टॉपिक को समझना और घर पर उसको रिवाइज करना रोज की दिनचर्या में शामिल था।
संदेश : फोकस होकर पढ़ाई करें। स्कूल में जो भी पढ़ाया जाता है, उसे घर पर रिवाइज जरूर करें।

रोहित झा
एसवीएमआईसी आवास विकास ऋषिकेश के रोहित झा ने उत्तराखंड बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले में तीसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने कुल 94 प्रतिशत (470/500) अंक हासिल किए। रोहित ने बताया कि उनका सपना सिविल सर्विसेज में करियर बनाने का है। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी में मैथ्स ऑनर्स की तैयारी कर रहे हैं। इंटरमीडिएट में तैयारी के दौरान उन्होंने घर पर रोजाना दो से तीन घंटे पढ़ाई की। पूरे साल उन्होंने एक भी दिन का गैप नहीं किया।
संदेश : मुश्किलों के आगे कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। लक्ष्य जितना मुश्किल हो, उतनी बेहतर तैयारी के साथ जाना फायदेमंद रहता है।

निलेश
जिले के उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा के टॉपर निलेश कुल 97 फीसदी (485/500) अंक हासिल किए। जीआईसी आईडीपीएल ऋषिकेश के छात्र निलेश के उपलब्ध ना होने पर उनके पिता राजपाल सिंह ने सम्मान प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि निलेश ने बिना ट्यूशन पढ़े जिले में पहला स्थान हासिल किया। रोजाना चार से पांच घंटे की पढ़ाई से उसको काफी फायदा मिला। उन्होंने बताया कि निलेश आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहता है। उसके बड़े भाई ने भी इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्रदेश में 25वीं रैंक हासिल की थी।

प्रियांशु
जीआईसी डाकपत्थर विकासनगर के प्रियांशु ने 500 में से 481 (96.2 फ़ीसदी) अंक हासिल किए। प्रियांशु ने बताया कि वह भविष्य में एनडीए में जाना चाहते हैं और उसी के लिए तैयारी कर रहे हैं। इंटरमीडिएट में उन्होंने घर पर ही रोजाना तीन से चार घंटे की पढ़ाई की। उन्होंने सेल्फ स्टडी पर फोकस रखा और कभी ट्यूशन का सहारा नहीं लिया।
संदेश: घर पर नियमित तौर पर पढ़ाई करें। टॉपिक्स को समझें और रिवीजन जरूर करें।

आदित्य धीमान
हाई स्कूल में जिले में तीसरे स्थान पर रहे जीएचएसएस के छात्र आदित्य धीमान ने कुल 500 में से 478 (95.6 फ़ीसदी) अंक हासिल किए। उन्होंने बताया कि घर पर पढ़ाई के लिए उन्होंने टाइम टेबल तैयार किया और हमेशा उसे फॉलो किया। मुश्किल विषयों को ज्यादा समय देकर उन्होंने तैयारी पुख्ता की। आदित्य ने बताया कि वह भविष्य में सिविल सर्विसेज में जाना चाहते हैं।
संदेश : रोजाना घर पर चार से पांच घंटे पढ़ाई जरूर करनी चाहिए। जहां खुद को कमजोर महसूस करें, टीचर्स की मदद लेने में नहीं हिचकें।

उपलब्धियों के साथ चुनौतियों से लड़ने को भी रहें तैयार: डीएम वंदना सिंह 

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2019-20 में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले रुद्रप्रयाग जनपद के सात मेधावी छात्रों को जिलाधिकारी वंदना सिंह ने ‘अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान’ से सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों से कहा कि जीवन में उपलब्धियों के साथ ही चुनौतियों से निपटने को आत्मविश्वास होना भी जरूरी है।  

जिला सभागार में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में जनपद रुद्रप्रयाग का प्रदर्शन बेहतर रहा है। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को बधाई दी। कहा कि उपलब्धियां प्राप्त करने के साथ जीवन में चुनौतियां भी शुरू हो जाती हैं। इसलिए स्वयं का आत्मविश्वास मजबूत होना जरूरी है। इस दौरान मेधावियों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हिंदी व अंग्रेजी, दोनों माध्यमों में बेहतर तैयारी की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि सफलता के लिए भाषा का ज्ञान इतना महत्व नहीं रखता, लेकिन भाषा की समझ होनी जरूरी है। शिक्षाविद् ओम प्रकाश सेमवाल के संचालन में हुए समारोह में महिला कल्याण अधिकारी दीपिका कांडपाल व मेधावियों के अभिभावक मौजूद थे। छात्रा ईशा रावत किन्हीं कारणों से समारोह में शामिल नहीं हो पाई।

रुद्रप्रयाग के ये मेधावी हुए सम्मानित 

रुद्रप्रयाग जनपद से इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में उत्तराखंड राज्य की मेरिट सूची में सातवां स्थान प्राप्त करने वाले अभय नेगी, बीसवां स्थान पाने वाले यश तड़ियाल व 21वें स्थान पर रहे आशीष रावत को सम्मानित किया गया। जबकि हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में मेरिट सूची में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले तनुज जगवाण, चौथा स्थान पाने वाले ओम प्रपनदीप, आठवां स्थान पर रहे प्रणय जगवाण और दसवां स्थान प्राप्त करने वाले आदित्य बर्त्वाल को मेडल, प्रशस्तिपत्र व अमर उजाला एयर बुक दी गई।

सफलता के लिए नियमित अध्ययन जरूरी: तरुण
सिविल सर्विस में भविष्य बनाने का लक्ष्य तय कर चुके मेदनपुर गांव निवासी सुरजीत सिंह व निर्मला देवी के बेटे तनुज जगवाण का कहना है कि सफलता के लिए नियमित अध्ययन जरूरी है। आभा देवी सरस्वती विद्या मंदिर सुमाड़ी भरदार के छात्र तनुज सिविल सर्विस की तैयारी में जुटे है।

सेना में अफसर बनूंगा: ओम
प्रदीप सिंह कप्रवाण व रेखा देवी के सुपुत्र ओम प्रपनदीप भारतीय सेना व विंग कमांडर अभिनंदन से प्रेरित है। वह सेना में अफसर बनना चाहते हैं। गौरी मेमोरियल  पब्लिक इंटर कॉलेज विजयनगर, अगस्त्यमुनि के छात्र ओम का कहना है कि विषयवार पढ़ाई जरूरी है।

आईएएस अफसर बनकर करूंगा देशसेवा: अभय 
आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करने का लक्ष्य लेकर चल रहे नाकोट गांव निवासी मदन सिंह नेगी के पुत्र अभय सिंह नेगी का कहना है कि सफलता के लिए शॉटकट नहीं हो सकता है। चिल्ड्रन एकेडमी पब्लिक इंटर कॉलेज जवाहरनगर के इस छात्र का कहना है कि पढ़ाई के लिए समय निश्चित नहीं किया जा सकता है। 
 
डॉक्टर बनकर पहाड़ की सेवा करने की चाह: प्रणय 
गौरी मेमोरियल पब्लिक इंटर कॉलेज के छात्र व हरेंद्र सिंह जगवाण के बेटे प्रणय जगवाण मेडिकल के क्षेत्र में करियर बनाकर पहाड़ की सेवा करना चाहते हैं। उनका मानना है कि पढ़ाई को जीवन की दिनचर्या के रूप में शामिल कर आगे बढ़ना चाहिए।

वैज्ञानिक बनना है मेरा लक्ष्य: आदित्य
बेला गांव निवासी लक्ष्मण सिंह बर्त्वाल के पुत्र व सरस्वती विद्या मंदिर बेलणी के छात्र आदित्य अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना चाहते हैं। आदित्य का कहना है कि लक्ष्य प्राप्त करने के लिए परिश्रम जरूरी है।

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में बनाऊंगा करियर: यश
सीखने की ललक को सफलता का मूल मंत्र मानने वाले यश तड़ियाल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाना चाहते है। अगस्त्य पब्लिक स्कूल अगस्त्यमुनि के छात्र व फलई गांव निवासी महावीर सिंह तड़ियाल के बेटे यश का कहना लक्ष्य हासिल करने के लिए सीखने की ललक जरूरी है।

सिविल सेवा में सफल होना मेरा लक्ष्य: आशीष
फलई गांव निवासी धन सिंह रावत के पुत्र व अगस्त्य पब्लिक इंटर कॉलेज के छात्र आशीष रावत का कहना है कि सिविल सेवा में करियर बनाना चाहते हैं। वे प्रतिदिन चार से पांच घंटे पढ़ाई जरूरी मानते हैं।

बच्चों की मेहनत में परिजनों का भी अहम योगदान-डीएम स्वाति 

चमोली में अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह के तहत 10 वीं और 12वीं उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में राज्य और जिला स्तर पर टॉप करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को डीएम स्वाति एस भदौरिया ने सम्मानित किया। डीएम ने मेधावियों को फूलों की माला पहनाकर, मेडल और प्रशस्तिपत्र दिया गया।

जिला पंचायत सभागार में सुबह 11 बजे आयोजित मेधावी सम्मान समारोह में डीएम ने छात्र-छात्राओं के भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बात की। डीएम ने कहा कि अपने लक्ष्य पर फोकस करते हुए मेहनत के साथ आगे बढ़ें। स्पष्ट होना चाहिए कि भविष्य में क्या करना है। परिजनों का भी इसमें बड़ा रोल होता है। इस दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी ललित मोहन चमोला, खंड शिक्षा अधिकारी दशोली बीएल टम्टा भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन श्रीदेव सुमन विवि के प्रोफेसर डीएस नेगी ने किया। राज्य स्तर पर तीसरे स्थान पर रहे वैभव थपलियाल के दिल्ली में होने पर वह कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए। उनको दिया जाने वाला स्मृतिचिह्न, मेडल और प्रशस्तिपत्र वैभव की बहन गरिमा थपलियाल को दिया गया। 

चमोली जिले से सम्मानित होने वाले मेधावी
12वीं की परीक्षा में राज्य स्तर पर तीसरे और जिले में पहले स्थान पर रहे वैभव थपलियाल राइंका सिमली (95 प्रतिशत), हार्दिक कंडारी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जोशीमठ (92.40 प्रतिशत), आंशिक कुंवर सुबोध प्रेम विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गोपेश्वर और मनीष पाल राइंका अलकापुरी दोनों (92 प्रतिशत) को सम्मानित किया गया। 10वीं से रितिका डिमरी उमा सरस्वती विद्यामंदिर हाईस्कूल कर्णप्रयाग (96.40 प्रतिशत), गीतांजलि  सरस्वती विद्यामंदिर  इंटर कॉलेज गैरसैंण (95.60) प्रतिशत और अमन बिष्ट सुबोध प्रेम विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गोपेश्वर (95.20) प्रतिशत शामिल थे।

देश सेवा का है जज्बा
बोर्ड के मेधावी वैभव थपलियाल और आंशिक कुंवर सेना में अफसर बनकर देश सेवा करना चाहते हैं। हार्दिक कंडारी और गीतांजलि इंजीनियर, मनीष पाल डॉक्टर, रितिका डिमरी और अमन बिष्ट प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं। 

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