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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : कोरोना काल में नकद लेनदेन में उत्तराखंड सरकार को मिली रियायत

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 30 Sep 2020 01:13 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay

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कोविड काल में प्रदेश सरकार को रिजर्व बैंक ने नकद लेनदेन में भी रियायत दी है। रिजर्व बैंक ने राज्यों को उधार देने में दी गई रियायत की समय सीमा 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी है। आम आदमी की तरह सरकार को भी रोजमर्रा के काम में नकदी की जरूरत होती है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए सरकार भारतीय रिजर्व बैंक से उधार ले सकती है।
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कोरोना संक्रमण को देखते हुए रिजर्व बैंक ने 31 मार्च 2020 को तय की गई सीमा से 60 प्रतिशत अधिक लेने की छूट दी थी। यह रियायत 30 सितंबर को समाप्त हो रही है। वित्त विभाग सचिव अमित नेगी के मुताबिक रियायत अब 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी गई है। सीमा बढ़ने के बाद आरबीआई से 1500 करोड़ तक उधार मिल सकेगा। 


अर्थोपाय अग्रिम: सरकार की नकद लेनदेन की व्यवस्था

भारी भरकम बजट होने के बाद भी सरकार को नकदी संकट का सामना करना पड़ सकता है। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार रिजर्व बैंक से सीधे उधार भी ले सकती है। इस उधार को ही अर्थोपाय अग्रिम या वेज एंड मीन्स कहा जाता है। रिजर्व बैंक इस पर रेपो रेट के बराबर ब्याज लगाता है। रेपो रेट वह रेट जिस पर आरबीआई अन्य बैंकों को कर्ज देता है। अर्थोपाय अग्रिम से अधिक भी कर्ज लिया जा सकता है और इसे ओवरड्राफ्ट कहते हैं। इस पर रेपो रेट से दो प्रतिशत अधिक ब्याज लगता है।

प्रदेश में गहराया ही रहता है नकदी संकट

प्रदेश में नकदी का संकट कितना गहराया हुआ है यह कैग की रिपोर्ट से भी जाहिर हो रहा है। इस बार सदन के पटल पर रखी गई रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश सरकार को 2018-19 में 18 बार ओवर ड्राफ्ट व्यवस्था का सहारा नकदी संकट से निपटने के लिए लेना पड़ा। कैश रिजर्व में सरकार 198 दिन तक ही 16 लाख रुपये का न्यूनतम कैश बैलेंस बना कर रख पाई।

2018-19 में सरकार ने अर्थोपाय अग्रिम पर करीब छह करोड़ रुपये का ब्याज भुगता। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश सरकार ने कैश बैलेंस खाते से किए गए खर्च पर करीब 2.72 प्रतिशत का ब्याज भुगता। इसी दौरान बाजार से उठाए गए कर्ज पर करीब आठ प्रतिशत की ब्याज दर से भुगतान किया गया। इस स्थिति को देखते हुए कैग ने प्रदेश सरकार को कैश बैलेंस सुविधा का अधिक उपयोग करने का भी सुझाव दिया।

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