अमर उजाला एक्सक्लूसिव : पहले लॉकडाउन के दौरान छंटनी में थे आगे, अब भर्ती को बेताब
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लॉकडाउन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों ने कर्मियों की छंटनी तो कर दी, मगर अब कई महीने बाद उत्पादन व सेवाओं में सुधार होने लगा है तो मानव संसाधन की कमी महसूस होने लगी है। विभिन्न क्षेत्रों की पांच से ज्यादा कंपनियों ने सेवायोजन कार्यालय में भर्ती को लेकर संपर्क साधा है।
लॉकडाउन के लंबे समय बाद स्थिति में आए सुधार को लेकर विभागीय अधिकारी भी उत्साहित हैं। विभाग अब ऐसी कंपनियों की जरूरतों की सूची तैयार कर रहा है। कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को शामिल किया जाए, ताकि रोजगार मेले की संभावना भी बन सके। सांख्यिकी सहायक अधिकारी रजनीश कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में यह संख्या और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
150 से ज्यादा भर्ती की जरूरत
सहायक सांख्यिकी अधिकारी रजनीश कुमार ने कहा कि अभी तक टालरोस प्राइवेट लिमिटेड ने 30 से 35 भर्ती, डिक्सन प्रा. लि. ने 15, टाटा मोटर (पंतनगर) ने 20, विंडलास बॉयोटेक ने 18, एलस्टोन प्रा. लि. ने 60 भर्ती की जरूरत बताई है।
लॉकडाउन से बढ़ी बेरोजगारों की संख्या
लॉकडाउन के चलते अनेक युवाओं ने नौकरी गंवाई थी। इनमें अधिक संख्या में प्रवासी भी शामिल रहे। वे सेवायोजन कार्यालय में पंजीयन कराने भी पहुंचते रहे। यही कारण रहा कि अगस्त तक हर महीने औसतन 1000 पंजीकरण हुए, जो कि सामान्य दिनों से खासा ज्यादा रहा।
पंजीकरण संख्या
अप्रैल - 48
मई - 1078
जून - 1270
जुलाई - 789
अगस्त - 1070
पांच से ज्यादा कंपनियों ने भर्ती को लेकर संपर्क किया है। इस पर बात चल रही है। वर्तमान समय में कंपनियों में भर्ती की जरूरत महसूस की जा रही है। हालातों में सुधार देखा जा रहा है। इसे शुभ संकेत कहा जा सकता है। संभव हुआ तो विभाग सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए रोजगार मेला कराने का भी प्रयास करेगा।
- अजय सिंह, क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी