{"_id":"b4051f87b4065ce1a6d762c10545162a","slug":"amar-ujala-blood-donors-club","type":"story","status":"publish","title_hn":"'जीवनदात्री' अभियान से जुड़ेगा वूमन सेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'जीवनदात्री' अभियान से जुड़ेगा वूमन सेल
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 03 Mar 2014 03:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून के एमकेपी पीजी कॉलेज की वूमन सेल ने अमर उजाला फाउंडेशन के जीवनदात्री अभियान से जुड़ने का फैसला किया है।
विज्ञापन
पढ़ें, सत्ता में आते ही रावत बने 'शक्तिमान', लेकिन अटके काम
सेल की समन्वयक डॉ. गीता बलोदी ने कहा कि कालेज की एनएसएस की छात्राएं जीवनदात्री क्लब के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगी। डब्ल्यूएचओ के ब्लड डाटा सेफ्टी रिसर्च के मुताबिक कुल रक्तदान में से केवल दस प्रतिशत रक्तदाता महिलाएं होती हैं।
विज्ञापन
पढ़ें, यहां रागों संग मनता है रंगों का त्योहार
विज्ञापन
रक्तदान करने के लिए आने वाली छात्राओं में से महज सात प्रतिशत ही खून दान कर पाती हैं। डा. गीता बलोदी ने बताया कि यह स्थिति बदलने की आवश्यकता है। कहा कि यह काम तभी संभव होगा, जब महिलाओं में रक्तदान के प्रति जागरूकता आएगी।
रक्तदान-महादान
अमर उजाला फाउंडेशन ब्लड डोनर्स क्लब के सदस्यों की संख्या बढ़ती जा रही है। रक्तदान करके महादान करने वालों की फेहरिस्त में नाम जुड़वाने के लिए लोगों में गजब का उत्साह है।
पहले रक्तदान करने वाले तो जुड़ ही रहे हैं ऐसे युवा भी जुड़ रहे हैं जो पहली बार इस महादान में शिरकत करेंगे। डॉक्टरों की सलाह है कि रक्तदान बराबर करते रहना चाहिए।
पढ़ें, तो क्या लोकसभा चुनाव के बाद होंगे पंचायत चुनाव
रक्तदान से सेहत दुरुस्त रहती है। साथ ही किसी का जीवन बच जाता है। एक मरीज की जिंदगी बचने पर एक परिवार तबाही से बच जाता है।
दून अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एसके नौटियाल ने बताया कि अगर लोग स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक हो जाएं तो पेशेवर रक्तदाताओं की समस्या से निजात मिल जाएगी।
पढ़ें, बर्फ और बारिश से जम गया उत्तराखंड
डॉक्टरों का कहना है कि कई बार मरीजों को उनके ग्रुप का ब्लड नहीं मिल पाता है। अमर उजाला फाउंडेशन के ब्लड डोनर्स क्लब के गठन से ऐसे मरीजों को राहत मिलेगी।
क्लब के सदस्यों का संकल्प है कि ऐसी स्थिति ही नहीं आने देंगे जिससे कोई मरीज रक्त न मिलने की स्थिति में खत्म हो जाए।