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Dehradun News: फर्जी दस्तावेजों पर मंदिर समिति के पंजीकरण का आरोप
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कुछ लोगाें पर कूटरचना कर महाभारतकालीन पंचलेश्वर महादेव मंदिर के नाम पर समिति पंजीकरण का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उपनिबंधक को शिकायत की है। ग्रामीणों ने पंजीकरण आवेदन को निरस्त किए जाने की मांग की है।
स्थानीय निवासी विनय सैनी, योगेश, राकेश कुमार, अंकित कुमार, मुकेश कुमार, मंजेश सैनी, रामपाल, पवन, मुल्किराज, राहुल, रोहताश, इसम सिंह, अर्जुन सिंह, शुभम सैनी, दीपक सैनी सहित कई ग्रामीणों ने उपनिबंधक फर्म सोसायटीज एवं चिट्स को शिकायत कर बताया कि पंचेवली स्थित महाभारतकालीन पंचलेश्वर महादेव मंदिर का संचालन कई वर्षों से साधु संतों द्वारा किया जा रहा है।
कुछ व्यक्ति मंदिर में विभिन्न आयोजनों से होने वाली आय और मंदिर की करीब 60 बीघा भूमि को खुर्दबुर्द करने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त व्यक्तियों द्वारा कूटरचना कर फर्जी दस्तावेजों की मदद से मंदिर समिति का पंजीकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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पूर्व में भी ऐसे प्रयास किए जाने पर एसडीएम न्यायालय ने इस पर रोक लगाते हुए तहसीलदार को मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी है। आरोप है कि एक बार फिर कूटरचना कर फर्जी दस्तावेजों की मदद से मंदिर समिति के पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है। ग्रामीणों ने उपनिबंधक से निष्पक्ष जांच कराते हुए आवेदन को निरस्त कराने की मांग की है।
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स्थानीय निवासी विनय सैनी, योगेश, राकेश कुमार, अंकित कुमार, मुकेश कुमार, मंजेश सैनी, रामपाल, पवन, मुल्किराज, राहुल, रोहताश, इसम सिंह, अर्जुन सिंह, शुभम सैनी, दीपक सैनी सहित कई ग्रामीणों ने उपनिबंधक फर्म सोसायटीज एवं चिट्स को शिकायत कर बताया कि पंचेवली स्थित महाभारतकालीन पंचलेश्वर महादेव मंदिर का संचालन कई वर्षों से साधु संतों द्वारा किया जा रहा है।
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कुछ व्यक्ति मंदिर में विभिन्न आयोजनों से होने वाली आय और मंदिर की करीब 60 बीघा भूमि को खुर्दबुर्द करने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त व्यक्तियों द्वारा कूटरचना कर फर्जी दस्तावेजों की मदद से मंदिर समिति का पंजीकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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पूर्व में भी ऐसे प्रयास किए जाने पर एसडीएम न्यायालय ने इस पर रोक लगाते हुए तहसीलदार को मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी है। आरोप है कि एक बार फिर कूटरचना कर फर्जी दस्तावेजों की मदद से मंदिर समिति के पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है। ग्रामीणों ने उपनिबंधक से निष्पक्ष जांच कराते हुए आवेदन को निरस्त कराने की मांग की है।