सितंबर तक डिजीटलाइज होंगे सभी राशनकार्ड: पासवान
- खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत देश में 33 करोड़ 78 लाख कार्डोँ का होगा डिजीटलाइजेशन।
- पीडीएस के तहत हर कार्डधारक वेबसाइट से जुड़ जाएगा।
- बीआईएस अधिनियम के आने से रुकेगा नकली सामानों का कारोबार।
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पत्रकारों से बातचीत में श्री पासवान ने कहा कि पीडीएस के तहत हर कार्डधारक वेबसाइट से जुड़ जाएगा। उत्तराखंड में प्रति माह 18 हजार 383 टन गेहूं और 33 हजार टन चावल भेजा जा रहा है। उत्तराखंड से एफसीआई के अधिकारी ने बताया कि अभी तक राज्य में 33 फीसदी कार्ड ही डिजीटलाइज हो पाए हैं। 33 फीसदी कार्ड आधार कार्ड से जुड़ गए हैं।
केंद्रीय खाद्य मंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सस्ते गल्ले की दुकानों में किसी भी किस्म की गड़बड़ी होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन शिकायत का प्रावधान भी है। राशन का ऑन-लाइन एलोकेशन भी किया जाएगा। डोर स्टेप प्रणाली भी शुरू होगी। इसके माध्यम से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर राशन ड्राप किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन राज्यों में डायरेक्ट कैश भी दिया जा रहा है।
बीआईएस से रुकेगा नकली सामानों का कारोबार
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए 23 मार्च को संसद में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) अधिनियम पारित किया गया। उन्होंने कहा कि एक जुलाई 2016 को यह अधिनियम अस्तित्व में आएगा।
इससे पहले आम लोगों के सुझाव के लिए अधिनियम को पब्लिक डोमेन में डाला जाएगा। जरूरत पड़ने पर अधिनियम में संशोधन करने के साथ ही इसे राष्ट्रीय मानक के रूप में घोषित किया जाएगा। इस अधिनियम के लागू होने के बाद उपभोक्ताओं की फौरी तौर पर शिकायतें दूर की जाएंगी। नकली वस्तुओं की बिक्री और बाहर के देशों से आने वाले सामान पर भी रोक लगेगी।
गड़बड़ी होने पर उत्पादकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसकी प्रमुख विशेषता यह है कि किसी भी उत्पाद के खराब होने की शिकायत ऑन-लाइन की जा सकेगी। 21 दिन में उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। 10 से 20 लाख रुपये तक के मामले डिस्ट्रिक्ट उपभोक्ता कमीशन, 10 करोड़ तक के मामले राज्य उपभोक्ता कमीशन और उससे अधिक के मामलों की सुनवाई राष्ट्रीय उपभोक्ता कमीशन में होगी।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के ही अनुरूप, होगी कड़ी कार्रवाई
गुरुवार देर शाम को मसूरी स्थित रॉयल आर्किंड फोर्ट रिसोर्ट में भारतीय मानक ब्यूरो की 26वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक में शामिल होने आए केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि पिछले 26 सालों से यह विधेयक लंबित था। इसके पारित हो जाने के बाद उपभोक्ताओं को भारी सुविधा होगी।
इसके तहत लगभग 100 उत्पादों का पंजीकरण किया जाएगा। सोने के हॉल माकिंग में भी बीआईएस के नियमों के तहत होगी। अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए देशभर में जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। बीआईएस 30 इलेक्ट्रानिक्स वस्तुओं के लिए अनुरूपता के लिए पंजीकरण प्रदान करेगा। अब वस्तुओं के मानक के लिए पंजीकरण का समय पहले से आधा यानी 20 दिन कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि बीआईएस अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण में सक्रिय भूमिका अदा करेगा। 95 फीसदी मामलों में बीआईएस सिटीजन चार्टर में निर्दिष्ट समय-सीमा के अंतर्गत मानक निर्धारण करेगा। बैठक में प्रमुख रूप से सांसद भोला सिंह, महानिदेशक भारतीय मानक ब्यूरो अलका पांडा, डॉ. सीताराम दीक्षित, डीके असवाल, विजय कुमार सिंह आदि के अलावा विभिन्न निजी कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।