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अखाड़ा परिषद: प्रयागराज में बैठक से पहले ही घोषित हुआ अध्यक्ष का नाम, महंत हरिगिरि ने कहा- 25 को होगा फैसला

संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 21 Oct 2021 01:44 PM IST

सार

श्री पंचायती महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रवींद्रपुरी को अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है। कनखल स्थित महानिर्वाणी अखाड़े में अखाड़ा परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष देवेंद्र सिंह शास्त्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है।
Shri Mahant Ravindrapuri
Shri Mahant Ravindrapuri - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी की मौत के बाद नए अखाड़ा अध्यक्ष को लेकर खींचतान चल रही है। इसको लेकर 25 अक्तूबर को प्रयागराज में बैठक भी प्रस्तावित है। लेकिन उससे पहले ही बैरागी और उदासीन अखाड़ों ने अखाड़ा परिषद का नया अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है। वहीं श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि 25 अक्तूबर को बैठक बुलाई गई है, उसमें जो निर्णय होगा, वह सर्वमान्य होगा।

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अखाड़ों में अध्यक्ष की कुर्सी के लिए दो फाड़
अखाड़ों में अध्यक्ष की कुर्सी के लिए दो फाड़ हो गए हैं। बैरागी और उदासीन अखाड़ों ने सन्यासियों से अलग होकर अपना अध्यक्ष और महामंत्री घोषित किया है। जबकि अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि की ओर से 25 अक्तूबर को प्रयाग में बैठक बुलाई गई है।


श्रीमहंत रवींद्रपुरी खाड़ा परिषद के नए अध्यक्ष
गुरुवार को हरिद्वार में श्री पंचायती महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रवींद्रपुरी को अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही बैरागी, निर्मोही और अणी अखाड़े के अध्यक्ष राजेंद्र दास को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का महामंत्री घोषित किया गया है।

वहीं बड़ा उदासीन अखाड़ा के महंत दामोदरदास को उपाध्यक्ष, महंत जसविंदर सिंह शास्त्री को कोषाध्यक्ष, महंत राम किशोर दास को मंत्री, महंत गौरी शंकर दास को प्रवक्ता, महंत धर्मदास व महेंद्र महेश्वर दास को संरक्षक घोषित किया गया है। कनखल स्थित महानिर्वाणी अखाड़े में गुरुवार को अखाड़ा परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष देवेंद्र सिंह शास्त्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है।

श्रीमहंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर को हो गए थे ब्रह्मलीन

20 सितंबर को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ब्रह्मलीन हो गए थे। उनके आकस्मिक निधन के बाद परिषद के उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह शास्त्री बतौर कार्यवाहक अध्यक्ष परिषद के कार्यों का संचालन कर रहे हैं।

अखाड़ों की ओर से नए अध्यक्ष के चयन का लगातार दबाव बन रहा है। सभी 13 अखाड़ों के श्रीमहंत, महामंडलेश्वर और खालसों में अध्यक्ष पद के लिए होड़ मची है। कई अखाड़े पूरी कार्यकारिणी का नए सिर से चुनाव करने की वकालत कर रहे हैं, जबकि मौजूदा कार्यकारिणी का चयन इसी साल हुआ है। कार्यकारिणी का कार्यकाल 2026 तक है। ऐसे में परिषद के अध्यक्ष के रिक्त पद पर ही चयन होना है।

पहाड़ों में चिकित्सा स्वास्थ्य रोजगार के कार्य किए जाएंगे
श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि राज्य में हो रहे पलायन को रोकने के लिए पहाड़ों में चिकित्सा स्वास्थ्य रोजगार के कार्य किए जाएंगे। जिससे सीमा से सटे क्षेत्रों से पलायन को रोककर देश की सीमाएं सुरक्षित रखी जा सकें। इसके लिए सभी संत महंत जल्द ही कार्य योजना बनाकर कार्य करेंगे। इस दौरान उन्होंने अखाड़ा परिषद की नई कार्यकारिणी पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि 25 अक्तूबर को बैठक बुलाई गई है, उसमें जो निर्णय होगा, वह सर्वमान्य होगा।
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