सबसे बड़े अस्पताल में मरीजों के लिए जगह नहीं
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वायरल के मरीजों की संख्या दून में इतनी बढ़ चुकी है कि दून अस्पताल के सभी वार्ड और बेड फुल चुके हैं। नए मरीजों को जगह तक नहीं मिल रही है। अस्पताल ने रविवार को नए मरीज भर्ती नहीं किए।
इसकी वजह से मरीजों को दूसरे अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इस वजह से गरीब मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी और प्राइवेट अस्पतालों में उपचार के लिए जेब ढीली करनी पड़ी।
इन दिनों राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों दून, दून महिला और कोरोनेशन में पिछले दो दिनों से सभी वार्ड फुल हैं। सीएमओ डॉ. सुशील अग्रवाल के निर्देश पर सभी अस्पतालों ने अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है, लेकिन रविवार को यह व्यवस्था भी कम पड़ गई। इसके बाद अस्पतालों ने मरीज लौटाने शुरू कर दिए।
ये है अस्पताल का हाल
2500 की ओपीडी होती दून अस्पताल में हर रोज
23 मरीज डेंगू के दून के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।
10 मरीज डेंगू के दून अस्पताल में भर्ती हैं।
प्राइवेट अस्पताल में मरीजों की जेब हो रही ढीली
श्रीनगर गढ़वाल के बेस अस्पताल से उपचार के लिए दून अस्पताल पहुंची पूनम को इमरजेंसी के बाद वार्ड में जगह नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया।
पूनम के परिजनों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। अन्य मामलों में भी बेड फुल होने का हवाला देते हुए हायर सेंटर रेफर किया गया। दून अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरएस असवाल ने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है।
रविवार को अतिरिक्त बेड भी फुल हो गए। उन्होंने कहा कि अस्पताल केवल उतने ही मरीजों को भर्ती कर सकता है, जितनों के लिए व्यवस्था है।