फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Alcohol issue in Uttarakhand

शराब के सवाल पूर्व सीएम ने सरकार को लपेटा, आबकारी मंत्री ने सामने रखे तथ्य

Sat, 18 Nov 2017 02:45 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 18 Nov 2017 02:45 PM IST
विज्ञापन
Alcohol issue in Uttarakhand
harish rawat

पूर्व सीएम हरीश रावत को उनके कार्यकाल के दौरान शराब के मसले पर खूब घेरा जाता रहा है। इसकी टीस हरीश रावत के मन में बराबर बनी हुई है। इस बात का जिक्र करते हुए उन्होंने शुक्रवार को शराब के मसले पर सरकार की जमकर घेराबंदी की।

विज्ञापन


बाजपुर डिस्टलरी का मसला उठाया और कहा कि सरकार के संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार तेजी से चल रहा है। जवाब देने के लिए आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने सामने आने में देर नहीं की। उन्होंने तथ्यों को सामने रखा और हरीश रावत के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
विज्ञापन


हरीश रावत ने ये कहा
बाजपुर की डिस्टलरी बंद कर दी गई, ताकि शराब के अवैध कारोबारियों को लाभ पहुंचाया जा सके। चंडीगढ़ की शराब फैक्ट्रियों से उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब धड़ल्ले से बिक रही है। बगैर सरकारी संरक्षण के ये संभव नहीं है। मेरे कार्यकाल में भाजपा अवैध शराब की खूब बात करती थी, आज अपने राज के हाल तो देख ले।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रकाश पंत ने ये कहा
बाजपुर डिस्टलरी को एनजीटी के निर्देशों का पालन न करने की वजह से दो साल पहले बंद किया गया था। हम उसे शुरू कराने के लिए प्रयासरत हैं। थोड़ा बहुत काम शुरू भी करा दिया गया है। करीब 58 करोड़ की दरकार है, इसका इंतजाम किया जा रहा है। हमारी सरकार की आबकारी नीति से शराब के अवैध कारोबारियों पर सबसे ज्यादा प्रहार हो रहे हैं।

आर्थिक हालात पर वार-पलटवार

Alcohol issue in Uttarakhand
prakash

पूर्व सीएम हरीश रावत ने शुक्रवार को राज्य की आर्थिक स्थिति पर सरकार पर कटाक्ष किए। उन्होंने चुटकी भी ली। उन्होंने कहा कि सरकार डेवलपमेंटल हॉलीडे पर चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि खजाना खाली मिला है, जबकि ये हमारे बेहतर वित्तीय प्रबंधन का ही नतीजा रहा कि चार महीने तक भाजपा सरकार को कोई परेशानी नहीं हुई।

मगर अब वित्तीय अव्यवस्था से सारी चीजें बिगड़ने लगी हैं। इसके जवाब में वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कुछ आंकडे़ सामने रखे। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में हमें 3052 करोड़ की केंद्रीय सहायता मिली थी, जबकि इस बार यह आकंड़ा 3557 करोड़ तक पहुंचा है। इसी तरह, हमने कर राजस्व का लक्ष्य 15 हजार 57 करोड़ रखा है।

इसके सापेक्ष सितंबर तक हम 9500 करोड़ कर राजस्व वसूल चुके थे। उन्होंने कहा कि पिछली बार साढे़ चार हजार करोड़ के घाटे का बजट पेश किया गया था। इस क्रम में कर्ज लिए गए थे, जबकि हमने शून्य घाटे का बजट पेश किया है। वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए हम आय के नए स्रोत तलाश और विकसित कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed