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Dehradun News: अजय के सामने भू-माफिया पर अंकुश लगाने की चुनौती
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राजधानी के कप्तान दिलीप सिंह कुंवर का 14 साल का कार्यकाल निर्विवाद रहा। उनके सामने जो चुनौती आई उनका बखूबी सामना किया। उनके कार्यकाल का कोई बड़ा केस पेंडिंग नहीं रहा। इन सब के बावजूद नए कप्तान अजय सिंह के सामने चुनौतियां कम न रहेंगी। पुराने आपराधिक मामलों से लेकर ट्रैफिक तक उनके सामने चुनौती रहेंगे।
जुलाई 2022 में दिलीप सिंह कुंवर को देहरादून कप्तान बनाया गया था। उनके सामने आपराधिक मामलों से लेकर कानून व्यवस्था से संबंधित कई प्रकरण आए। इन पर अच्छे से काम हुआ और पुलिस को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। हाल ही में दो हत्याओं का खुलासा 24 से 36 घंटों में कर दिया गया। यह उनकी अच्छी विदाई के तौर पर देखा जा रहा है। कुंवर आने वाले दिसंबर में सेवानिवृत्त भी होने वाले हैं।
नए कप्तान के सामने वैसे तो कोई कठिन चुनौती नहीं होगी, लेकिन वर्तमान में चल रहे रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में उनके सामने यह दिखाने का दबाव जरूर रहेगा कि एसटीएफ में रहते उन्होंने जैसे नकल माफिया पर शिकंजा कसा वैसे ही भू माफिया पर शिकंजा कसकर नई जिम्मेदारी का उद्देश्य सार्थक करें। माना जा रहा है कि भू-माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि अजय सिंह इन कसौटियों पर कितना खरे उतरते हैं, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
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जुलाई 2022 में दिलीप सिंह कुंवर को देहरादून कप्तान बनाया गया था। उनके सामने आपराधिक मामलों से लेकर कानून व्यवस्था से संबंधित कई प्रकरण आए। इन पर अच्छे से काम हुआ और पुलिस को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। हाल ही में दो हत्याओं का खुलासा 24 से 36 घंटों में कर दिया गया। यह उनकी अच्छी विदाई के तौर पर देखा जा रहा है। कुंवर आने वाले दिसंबर में सेवानिवृत्त भी होने वाले हैं।
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नए कप्तान के सामने वैसे तो कोई कठिन चुनौती नहीं होगी, लेकिन वर्तमान में चल रहे रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में उनके सामने यह दिखाने का दबाव जरूर रहेगा कि एसटीएफ में रहते उन्होंने जैसे नकल माफिया पर शिकंजा कसा वैसे ही भू माफिया पर शिकंजा कसकर नई जिम्मेदारी का उद्देश्य सार्थक करें। माना जा रहा है कि भू-माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि अजय सिंह इन कसौटियों पर कितना खरे उतरते हैं, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
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