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'कार्यमंत्रणा समिति' से अजय भट्ट का इस्तीफा मंजूर
अनूप वाजपेयी/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 28 Dec 2013 09:06 AM IST
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उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजट भट्ट का सदन की कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। मानसून सत्र के दौरान सदन का कार्यकाल नहीं बढ़ाने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने इस्तीफा दिया था।
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विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने शुक्रवार को उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया।
पुनर्विचार से किया था इंकार
विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि पद पर बने रहने के लिए अजट भट्ट से पुनर्विचार करने को कहा गया था। उन्होंने इंकार कर दिया जिसके बाद उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।
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उनका कहना है कि उन्हें बतौर आमंत्रित सदस्य शामिल किया गया था। उनके दल से अजट टम्टा इस समिति के सदस्य हैं जिससे कामकाज में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
क्या कहते हैं अजय भट्ट
अजय भट्ट का कहना है कि उन्हें इस बात खुशी है कि उनका इस्तीफा मंजूर हो गया। उनका कहना है कि सदन की मर्यादा होती है मैंने सदन में इस्तीफा दिया था। वचन बद्घता और सिद्घांतों के लिए राजनीति में हूं। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से इस्तीफा वापस लेने को कहा गया था।
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भट्ट का कहना है कि सरकार ने वादाखिलाफी की थी जिससे बाद ही इस्तीफा देने को मजबूर हुआ। मानसून सत्र में सरकार ने समिति की बैठक में सदन दो दिन अतिरिक्त बढ़ाने की बात कही थी लेकिन अचानक से सदन स्थगित कर दिया गया।
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विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने शुक्रवार को उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया।
पुनर्विचार से किया था इंकार
विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि पद पर बने रहने के लिए अजट भट्ट से पुनर्विचार करने को कहा गया था। उन्होंने इंकार कर दिया जिसके बाद उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।
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उनका कहना है कि उन्हें बतौर आमंत्रित सदस्य शामिल किया गया था। उनके दल से अजट टम्टा इस समिति के सदस्य हैं जिससे कामकाज में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
क्या कहते हैं अजय भट्ट
अजय भट्ट का कहना है कि उन्हें इस बात खुशी है कि उनका इस्तीफा मंजूर हो गया। उनका कहना है कि सदन की मर्यादा होती है मैंने सदन में इस्तीफा दिया था। वचन बद्घता और सिद्घांतों के लिए राजनीति में हूं। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से इस्तीफा वापस लेने को कहा गया था।
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भट्ट का कहना है कि सरकार ने वादाखिलाफी की थी जिससे बाद ही इस्तीफा देने को मजबूर हुआ। मानसून सत्र में सरकार ने समिति की बैठक में सदन दो दिन अतिरिक्त बढ़ाने की बात कही थी लेकिन अचानक से सदन स्थगित कर दिया गया।