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पहाड़ में पांव पसार रहा है एड्स, 4 जिले संवेदशील
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 30 Nov 2013 08:59 PM IST
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एड्स मौजूदा समय में सबसे खतरनाक बीमारी का रूप ले चुकी है। एक छोटी सी भूल आपको मौत के मुंह तक ले जा सकती है।
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उत्तराखंड में एड्स के मामलों को लेकर चार जनपद नैनीताल, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
संक्रमण के मामलों में वृद्धि
कुल एचआईवी से संक्रमित 5600 मामले राज्य में हैं, जिसमें 70 फीसदी इन चार जनपदों में हैं। वर्ष 2012-13 तक राज्य में एड्स से ग्रस्त 1896 रोगी हैं। अगर बीते दो वर्षों की बात की जाए तो एचआईवी के संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई है।
वर्ष 2012-13 में लगभग 900 पाजिटिव केस मिले जिसमें 50 गर्भवती महिलाएं शामिल थी। इस वर्ष अब तक आईसीटीसी जांच में 160 पाजिटिव केस सामने आएं हैं जिसमें 9 गर्भवती महिलाएं हैं।
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गौरतलब है कि पर्वतीय जनपदों में एचआईवी से संक्रमण की स्थिति मैदानों की अपेक्षाकृत बेहद कम है। एड्स नियंत्रण की बाबत कई कार्यक्रम राज्य में चल रहे हैं, जिसके तहत देहरादून में एआरटी सेंटर स्थापित हैं, जिसमें एंटी रेट्रो वायरल थरेपी की सुविधा संक्रमित मरीजों को दी जाती है।
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चमोली में इस साल 94 मामले
चमोली जिले में चालू वर्ष के नवंबर माह तक एचआईवी पॉजिटिव के 94 मामले आ चुके हैं। इनमें 45 पुरुष, 42 महिला और 7 बच्चे शामिल हैं। 7 पुरुष और 2 महिला की मृत्यु हो चुकी है।
इससे भी अधिक चौंकाने वाले मामले एंटी रिट्रो वायरल ट्रीटमेंट (एआरटी) सेंटर देहरादून के हैं। जहां चमोली जिले के अब तक करीब सौ मामले पंजीकृत हो चुके हैं।
जहां जिले में वर्ष 2003 में एचआईवी संक्रमित रोगियों की संख्या चार थी, वहीं वर्ष 2013 के नवंबर माह तक 18 पहुंच गई है। एआरटी सेंटर देहरादून में 24 सौ एचआईवी पॉजिटिव मामलों में से करीब सौ मामले अकेले चमोली जिले के हैं।
निशुल्क दी जा रही है दवा
एआटी (एंटी रिट्रो वायरल ट्रीटमेंट) सेंटर गोपेश्वर के काउंसलर डा. हरीश मैखुरी का कहना है कि एचआईवी पॉजिटिव रोगी के शरीर में वायरस की संख्या टूटकर बढ़ती जाती है। इस स्थिति में वायरस की वृद्धि रोकने के लिए रोगी के उपचार के लिए उन्हें निशुल्क दवाई वितरित की जा रही है।
विश्व एड्स दिवस पर होंगे कई कार्यक्रम
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अजीत गैरोला ने बताया कि विश्व एड्स दिवस के मौके पर आम लोगों में जागरुकता फैलाने के लिए नगर में रैली का आयोजन किया जाएगा।
पीजी कालेज में भाषण प्रतियोगिता होगी। एड्स को काबू में करने के लिए जिले में डीएम की अध्यक्षता में एक कॉआर्डिनेशन कमेटी का गठन भी किया गया है।