{"_id":"60e212b68ebc3eb83e42d97e","slug":"agitators-will-march-to-raj-bhavan-on-july-14-city-news-drn383523714","type":"story","status":"publish","title_hn":"देहरादून: क्षैतिज आरक्षण की मांग पूरी न होने से गुस्साए राज्य आंदोलनकारी 14 जुलाई को करेंगे राजभवन मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देहरादून: क्षैतिज आरक्षण की मांग पूरी न होने से गुस्साए राज्य आंदोलनकारी 14 जुलाई को करेंगे राजभवन मार्च
Mon, 05 Jul 2021 01:27 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jul 2021 01:27 AM IST
सार
प्रदीप कुकरेती ने कहा कि बीते 21 सालों में पहली बार है कि राज्यपाल की ओर से आंदोलनकारी से वार्ता करने का समय नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
बेबी रानी मौर्य
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीते लंबे समय से राज्यपाल की ओर से वार्ता के लिए समय न देने व 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण की मांग पूरी न होने से गुस्साए राज्य आंदोलनकारी 14 जुलाई को राजभवन मार्च करेंगे। रविवार को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की ओर से शहीद स्मारक पर बैठक की गई।
विज्ञापन
मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने कहा कि बीते 21 सालों से प्रदेश की सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों की मांगों को अनदेखा करने का काम किया है। मांगों के संबंध में मंच राज्यपाल से वार्ता का समय मांग रहा है, लेकिन बीते राज्यपाल के पास आंदोलनकारियों से बात करने का समय नहीं है।
विज्ञापन
प्रदीप कुकरेती ने कहा कि बीते 21 सालों में पहली बार है कि राज्यपाल की ओर से आंदोलनकारी से वार्ता करने का समय नहीं दिया जा रहा है। वहीं, पूर्व राज्य मंत्री रविन्द्र जुगरान ने कहा कि बीते छह सालों से शहीद परिजनों व तमाम राज्य आंदोलनकारियों की समस्याओं का संज्ञान नहीं लिया गया है। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी व महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुशीला बलूनी ने कहा कि ये हमारा दुर्भाग्य ही है कि राज्य के 21 वर्ष बाद भी सड़कों पर आने को विवश होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
पूर्व राज्य मंत्री धीरेन्द्र प्रताप ने कहा कि राज्य के हित के लिए हम अंतिम क्षणों तक संघर्ष करेंगे। बैठक में संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष वेद प्रकाश, हर्षपति काला, महेन्द्र रावत, सुरेन्द्र कुकरेती, पूर्ण सिंह, विक्रम भंडारी, डीएस गुंसाई, ललित जोशी, रुकम पोखरियाल, जयदीप सकलानी, रामपाल, बलबीर नेगी, विनोद असवाल, पूर्ण सिंह राणा आदि मौजूद रहे।